दो बीवियों के चक्कर में पहाड़ी ‘डॉक्टर’ बना कातिल

नई दिल्ली: दिल्ली के एक बड़े हॉस्पिटल का फिजियोथेरेपी डॉक्टर गांव और शहर की दो बीवियों के प्यार के चक्कर में ऐसा फंस गया कि उसे एक वाइफ की हत्या करनी पड़ी. साउथ ईस्ट डिस्ट्रिक्ट के तुगलकाबाद इलाके में हुई इस सनसनीखेज हत्या की गुत्थी सुलझाकर आरोपी डॉक्टर को गिरफ्तार कर लिया गया है. गौरतलब है कि 3 दिन पहले बेड के अंदर महिला की डेड बॉडी मिली थी. उस मामले में पुलिस टीम ने उत्तराखंड में घने कोहरे के बीच तीन दिन तक डेरा डालकर आरोपी फिजियोथेरेपी डॉक्टर को आखिरकार पकड़ लिया है. आरोपी पति सुरेश न्यू फ्रेंड्स कलोनी के एक नामी हॉस्पिटल में फिजियोथेरेपिस्ट डॉक्टर की ट्रेनिंग ले रहा था. पुलिस के अनुसार आरोपी सुरेश और जिसकी हत्या की गई मारिया दोनों उत्तराखंड के रहने वाले हैं.

29 जनवरी को आई थी पीसीआर कॉल
पुलिस के मुताबिक 29 जनवरी शाम के साढ़े चार बजे पीसीआर पर एक कॉल आया था थाना गोविंदपुरी के इलाके में तुगलकाबाद एक्सटेंशन से आई उस कॉल में बताया गया था कि एक घर के अंदर महिला की लाश पड़ी है. सूचना के आधार पर पहुंचे पुलिस दल ने पाया कि घर के अंदर रखे एक बेड बॉक्स के अंदर एक महिला का शव रजाई में लपेट कर छुपाया गया है. उस महिला की पहचान मरिया मसी (30 साल) पत्नी सुरेश सिंह के तौर पर हुई थी.

जांच में शक की सुई मृतक के पति पर जाकर रुकी
पुलिस जांच में पता चला कि मरिया और सुरेश कुछ महीनों पहले से उसी घर में किराए पर रह रहे थे. पीसीआर पर कॉल करने वाले ने बताया था कि वह मृतक को पहले से जानता था. वे दोनों उत्तराखंड के रहने वाले थे और पहले जसोला विहार में रहते थे. पुलिस ने मरीया मसी के पति से संपर्क करने की कोशिश की तो वह गायब मिला. काफी कोशिशों के बाद भी उससे कोई संपर्क नहीं हो पा रहा था. पुलिस के मुताबिक मरिया मसी की हत्या की सभी संभावित वजहों पर जांच टीम ने तफ्तीश की और उसको जानने वाले हर व्यक्ति से पूछताछ की. जांच में शक की सुई मरिया के पति सुरेश पर जाकर रुकी क्योंकि वह लगातार गायब था.

कातिल को खोजने तीन दिन उत्तराखंड में जमी रही दिल्ली पुलिस
उत्तराखंड के बागेश्वर जिले के दुआरी गांव के रहने वाले सुरेश सिंह की तलाश के लिए एक पुलिस टीम गठित की गई. उत्तराखंड में उसके रिश्तेदारों और गांवों में पुलिस ने छापेमारी की. उसी दौरान तीन दिन बाद शाम के वक्त भागने की फिराक में सामान बटोर रहे सुरेश को पुलिस ने धरदबोचा. पूछताछ के दौरान उसने थाना गोविंदपुरी में यह बात कबूल की कि उसने ही अपनी पत्नी मरिया मसी की हत्या की है.

2012 में फेसबुक पर हुई थी दोस्ती
पुलिस की पूछताछ में सुरेश ने बताया कि 2012 में उसकी दोस्ती मरिया मसी से फेसबुक के जरिए हुई थी. धर्म से क्रिश्चियन मरिया उस वक्त हल्द्वानी में नौकरी के सिलसिले में रह रही थी. और सुरेश उन दिनों देहरादून में अपनी फिजियोथेरेपी की पढ़ाई कर रहा था. मरिया की नौकरी ठीक नहीं चल रही थी तो सुरेश ने उसे अपने पास देहरादून आकर रहने की पेशकश की जिसे उसने मान लिया और दोनों एक ही घर में पति-पत्नी की तरह रहने लगे.

2015 में घरवालों ने करवा दी थी दूसरी लड़की से शादी
2015 में सुरेश मरिया को बिना बताए अपने गांव गया था. वहां सुरेश ने अपने परिवार वालों के कहने पर पड़ोसी गांव की एक लड़की लता से शादी कर ली. शादी के बाद वह वापस देहरादून चला आया और मरिया मसी के साथ रहने लगा. मरिया मसी को किसी तरह जब सुरेश की शादी की बात पता चली तो दोनों में इसे लेकर विवाद हुआ. जिसके बाद सुरेश ने यह बात कबूल की कि घरवालों के दबाव में उसने लता से शादी की है. जिसके बाद मरिया मसी ने सुरेश पर शादी का दबाव बनाया. दोनों ने इसके बाद जून 2015 में आर्य समाज के एक मंदिर में जाकर शादी कर ली. मरिया मसी ने वहां अपना नाम सावित्री मेहरा लिखवाया था. इन दोनों ने अपनी शादी उत्तराखंड में पंजीकृत भी कराई थी.

2016 में आ गए थे दिल्ली
2016 में जब सुरेश सिंह का फिजियोथेरेपी का कोर्स पूरा हो गया तो वह इंटर्नशिप के लिए दिल्ली आ गया था. सुरेश के साथ मरिया मसी भी दिल्ली आ गई थी. दोनों पहले जसोला विहार में रहते थे.

सुरेश से पहले मरिया के संबंध किसी और से भी थे
इन दोनों के रिश्ते में एक पेंच और था. 2012 में सुरेश से पहले मरिया का संबंध उस्मान नाम के एक शख्स से भी था. दोनों जब अलग हुए तो मरिया सुरेश के नजदीक आ गई थी लेकिन उस्मान के साथ कभी-कभी उसकी बातचीत होती रहती थी. यही नहीं उस्मान की दोस्ती सुरेश सिंह से भी थी. उस्मान ने ही उन्हें जसोला विहार में एक कमरा दिलाया था. कमरा छोटा होने की वजह से दोनों बाद में तुगलकाबाद एक्सटेंशन शिफ्ट हो गए थे.

इस वजह से सुरेश ने रची मरिया की मौत की साजिश
इस बीच सुरेश सिंह का झुकाव अपनी दूसरी पत्नी लता की ओर ज्यादा होने लगा था जिस वजह से मरिया के साथ अक्सर उसका झगड़ा हुआ करता था. दोनों के रिश्ते भी तनावपूर्ण होने लगे थे. सुरेश पर एक ओर मरिया लता को छोड़ने का दबाव बना रही थी तो दूसरी ओर लता मरिया को छोड़कर उसके साथ रहने को कह रही थी. इसी वजह से अपनी उम्र से पांच साल बड़ी मरिया को रास्ते से हटाने के लिए मारने का प्लान बनाया.

ऐसे दिया साजिश को अंजाम
मरिया को ठिकाने लगाने के लिए सुरेश ने पहले जनवरी में अपने गांव का प्लान बनाया. और 11 जनवरी को झगड़े के बाद योजनाबद्ध तरीके से तकिए से मरिया की सांस रोककर उसकी हत्या कर दी. फिजियोथेरेपी का कोर्स करने की वजह से सुरेश को यह बात अच्छे से पता थी कि ठंडी जगह पर डेड बॉडी जल्दी डिकंपोज नहीं होगी. वह यह चाहता भी था कि मरिया की मौत की खबर कुछ दिन बाद ही पुलिस तक पहुंचे इसलिए सुरेश ने मरिया की लाश को कंबल में लपेटकर बेड के बॉक्स में रख दिया था ताकि महीने दो महीने तक किसी को सुराग न मिले. इसके बाद वह बाहर से ताला लगाकर वहा अपने गांव चला गया और वहीं रहने लगा.

मरिया के पूर्व प्रेमी ने किया उसकी मौत का खुलासा
उधर उत्तराखंड के ही रुद्रपुर में रहने वाले मरिया मसी के घर वाले मरिया को लेकर चिंतित थे. वे लोग उससे बात करने की लगातार कोशिश कर रहे थे लेकिन संपर्क नहीं पो रहा था क्योंकि उसकी हत्या हो चुकी थी. परिजनों ने कई बार सुरेश सिंह से भी संपर्क किया तो वह उन्हें गुमराह करता रहा. बाद में मरिया के घर वालों ने उस्मान से संपर्क किया. उस्मान ने जब दिल्ली आकर मरिया की खोज खबर ली तो मरिया की मौत का खुलासा हुआ.

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