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NIT उत्तराखंड शिफ्ट हो सकता है उत्तर प्रदेश !

उत्तराखंड के इकलौते नैशनल इंस्टिट्यूट ऑफ टेक्नॉलजी (NIT) के यूपी शिफ्ट होने का खतरा है। एचआरडी मंत्रालय के सूत्रों के मुताबिक उत्तराखंड सरकार से एनआईटी के स्थायी कैंपस के लिए जमीन नहीं मिल रही है। साथ ही देरी होने की वजह से उस एनआईटी को यूपी शिफ्ट करने का दबाव भी बन रहा है। हालांकि, उत्तराखंड सरकार ने पहले स्थायी कैंपस के लिए जमीन मुहैया कराई है। मंत्रालय सूत्रों के मुताबिक यह जमीन कंस्ट्रक्शन लायक नहीं है। उत्तराखंड के शिक्षा मंत्री धन सिंह रावत ने कहा कि मानव संसाधन मंत्रालय की तरफ से उन्हें नहीं बताया गया कि दूसरी जमीन चाहिए। साथ ही उन्होंने कहा कि किसी भी हालत में उत्तराखंड के एनआईटी को यूपी शिफ्ट नहीं होने दिया जाएगा।

बुरी हालत में है कैंपस

उत्तराखंड का एनआईटी करीब 6 साल से श्रीनगर पॉलिटेक्निक के कैंपस में ही चल रहा है। एचआरडी मिनिस्ट्री के सूत्रों के मुताबिक यह बहुत बुरी हालत में हैं और पिछले काफी वक्त से इसे परमानेंट कैंपस में शिफ्ट करने की बात हो रही है। सूत्रों के मुताबिक कई बार उत्तराखंड सरकार से जमीन देने की बात हुई है, लेकिन सरकार की तरफ से कोई जमीन तय नहीं की गई। अब राज्य के इस इकलौते एनआईटी को यूपी शिफ्ट करने की कोशिशें भी होने लगी हैं। यूपी के एक नेता जो मोदी सरकार में राज्य मंत्री हैं वह इस कोशिश में लगे हैं कि अगर उत्तराखंड सरकार जमीन नहीं दे रही है तो इस एनआईटी को यूपी शिफ्ट कर दिया जाए। उनका कहना है कि यूपी बहुत बड़ा राज्य है और वहां महज एक एनआईटी ही है और यूपी को एक और एनआईटी की जरूरत है।

जमीन दी है पर दूसरी जमीन की जरूरत

धन सिंह रावत ने कहा कि उत्तराखंड में जब बीजेपी नेता रमेश पोखरियाल निशंक सीएम थे उस वक्त ही एनआईटी के लिए सौमाड़ी में जमीन दे दी गई थी। पांच गांवों ने यह जमीन दान में दी और उस पर बाउंड्री वॉल भी बना दी गई थी। एचआरडी मिनिस्ट्री के सूत्रों के मुताबिक जो जमीन पहले दी गई थी उसकी मिट्टी ढीली है और वह जमीन कंस्ट्रक्शन लायक नहीं है। इसलिए उत्तराखंड सरकार ने दूसरी जमीन देने को कहा गया था। सूत्रों के मुताबिक काफी वक्त से नई जमीन देने की बात की जा रही है।

हालांकि, धन सिंह रावत ने कहा कि हमें एचआरडी मिनस्ट्री की तरफ से कोई पत्र नहीं आया कि दूसरी जमीन चाहिए। उन्होंने नाराजगी जताते हुए कहा कि अगर जमीन पसंद नहीं थी तो बाउंड्री वॉल क्यों बनाई। रावत ने कहा कि दिल्ली में बैठकर उत्तराखंड की जमीन को नहीं समझा जा सकता। जहां मेडिकल कॉलेज बना है वह जमीन इस जगह से भी खराब है। मिनिस्ट्री को कोई टीम भेजनी चाहिए जो बताए कि उस जमीन में क्या गड़बड़ है? अगर उन्हें दूसरी जमीन चाहिए तो हम दूसरी जमीन देने के लिए भी तैयार हैं।

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