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IAS और डॉक्टर के बाद सफल बिज़नेसमैन बने रोमन सैनी

डॉक्टर, IAS और आंत्रेप्रेन्योर रोमन सैनी Unacademy के ज़रिये UPSC छात्रों को देते हैं कोचिंक। Unacademy एक ऐसा अॉनलाईन पोर्टल है, जो CAT और SSC आदि जैसी परीक्षाओं के लिए छात्रों को कंटेंट उपलब्ध करवाता है। रोमन के अलावा Unacademy को-फाउंडर्स गौरव मुंजाल, हेमेश सिंह और सचिन गुप्ता की मेहनत का नतीजा है।

16 साल की उम्र में ही रोमन सैनी ने मेडिकल की परीक्षा पास कर ली थी और अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (AIIMS) में वे एक जूनियर रेजिडेंट डॉक्टर बन गये। उतने से भी जब मन नहीं भरा तो 22 साल की उम्र में IAS अधिकारी बनने के लिए सिविल सेवाओं की प्रवेश परीक्षा में 18वीं रैंक हासिल कर ली, लेकिन मंज़िल तो कुछ और ही थी और अपनी उसी मंज़िल की तलाश में अब वे अपने तीन दोस्तों के साथ मिलकर एक आंत्रेप्रेन्योर के रूप में काम कर रहे हैं, जिसके अंतर्गत रोमन अपने यूट्यूब चैनल/अॉनलाइन पोर्टल Unacademy के माध्यम से UPSC परीक्षा के प्रतिभागियों को बेहतरीनऑनलाइन पाठ्य सामग्री उपलब्ध करवाते हैं। रोमन के अलावा Unacademy को-फाउंडर्स गौरव मुंजाल, हेमेश सिंह और सचिन गुप्ता की मेहनत का नतीजा है।

रोमन सैनी वे युवा व्यक्ति हैं, जो आज के भारत का प्रतिनिधित्व करते हैं। वे दृढ़ संकल्प के साथ अपनी सीमाओं से आगे बढ़ कर उन लोगों के लिए हर संभव मदद मुहैया करा रहे हैं जिनमें क्षमता और योग्यता तो है, लेकिन साधन नहीं। रोमन यूट्यूब चैनल Unacademy (जिसके चार को-फाउंडर्स हैं) के माध्यम से देश के उन्हीं युवाओं की मदद कर रहे हैं, जो दृढ़ संकल्प के साथ योग्यता के बल पर आगे बढ़ना चाहते हैं।

रोमन कहते हैं,

“मेरा मानना ​​है यदि हम वास्तव में किसी चीज़ की चाहत कर लें, तो उसे हासिल कर सकते हैं। मेरे लिए उपलब्धि हासिल करने का कोई बाहरी मानक नहीं था। मैंने वो सब कुछ किया जिसको करने में मुझे आनंद आया। मैं गिटार बजाता हूं, क्योंकि मुझे संगीत पसंद है, इसलिए नहीं कि इंग्लैंड में ट्रिनिटी कॉलेज जाने की ख्वाहिश रखता हूं। चिकित्सा और सिविल सेवा के लाखों यूपीएससी उम्मीदवारों को ऑनलाइन सामग्री उपलब्ध कराने का निश्चय भी मेरे भीतर से ही आया है।”

बाकी बच्चों की तरह रोमन का पालन पोषण भी बेहद साधारण परिवार में हुआ है। रोमन की माँ हाउस वाइफ हैं और पिता इंजीनियर। जिस AIIMS जैसे मेडिकल कॉलेज में एडमिशन के लिए लोग सालों साल इंतज़ार करते हैं उस कॉलेज में रोमन को 16 साल की उम्र में ही टेस्ट पास करने के बाद दाखिला मिल गया था। रोमन के परिवार में इनके अलावा कोई दूसरा व्यक्ति IAS नहीं है। जयपुर के एक मध्यवर्गीय परिवार से आने वाले रोमन ने बहुत कुछ कर के दिखाया है, क्योंकि उन्होंने जो चाहा उस को दिल से किया। रोमन गंभीरता पूर्वक कहते हैं,

“मेरे माता-पिता ने मुझे बहुत जल्दी ही एक तरह से त्याग दिया था, क्योंकि मैं उनके साथ सामाजिक आयोजनों में नहीं जाता था। मैंने बहुत लंबे समय से परिवार की किसी शादी में भी भाग नहीं लिया। मेरे सभी रिश्तेदारों और दोस्तों को लगता था, कि मैं सबसे अलग और शायद अजीब हूं और जबकि सच्चाई ये है कि मैं अपनी दुनिया में रहता हूं और ऐसी चीजें करता हूं जो मुझे पसंद हैं. मैंने अपने जीवन में आवश्यक और गैर आवश्यक के बीच अंतर करने की क्षमता विकसित कर ली है. इससे मुझे सही काम को अच्छी तरह से करने में मदद मिली है।”

अपनी पढ़ाई, IAS में चयन और AIIMS में मिलने वाले एडमिशन को लेकर रोमन कहते हैं,
“मुझे स्कूल की पढ़ाई में दिलचस्पी नहीं थी और मैं एक मेधावी छात्र भी नहीं था। मेरा मानना ​​है कि स्कूल आदि में उच्च अंक प्राप्त करने को अत्यधिक महत्व दिया जाता है। मैं परीक्षाओं को पास करने के लिए स्कूलों और कॉलेजों में रटने वाली संस्कृति से सहमत नहीं हूं। मैं मेडिकल प्रवेश परीक्षा में केवल इसलिए बैठा, क्योंकि जीव विज्ञान ने मेरा ध्यान आकर्षित किया और मुझे इस विषय में विस्तार से पढ़ना अच्छा लगा। मुझे इसमें मज़ा आया और इसलिए मैं प्रवेश परीक्षा में सम्मिलित हुआ। AIIMS में चयन होना वास्तव में विषयों में मेरी दिलचस्पी का एक अच्छा परिणाम था। इसी तरह, UPSC के लिए भी मैंने विषयों के चुनाव के लिए मेरी प्रवृत्ति का ही अनुसरण किया।”

रोमन अपनी उपलब्धियों को सबके साथ साझा करना चाहते हैं। वे चाहते हैं कि उन्होंने जो किया, उसे करने में हर कोई सक्षम हो। उनका ऑनलाइन वेंचर इस बात का एक स्पष्ट प्रमाण है। वे कहते हैं,
“मैंने यूपीएससी परीक्षा को डीकोड करने के लिए ये ऑनलाइन कार्यक्रम शुरू किया है। यदि आप इसे अच्छी तरह से समझ लें, तो इसमें सफल हो सकते हैं। ध्यान रहे, यह दुनिया की सबसे कठिन परीक्षा है और आप इसमें पूरी तरह से संलिप्त हुए बिना सफल नहीं हो सकते हैं। UPSC का एग्ज़ाम सिर्फ इसलिए न दें, क्योंकि यह पावर, पैसे और प्रतिष्ठा आदि का प्रवेश द्वार माना जाता है, बल्कि इस लिए दें क्योंकि यह आपके लिए वास्तविक महत्व रखती है। यह एक कठिन प्रक्रिया है और यह परीक्षा आपकी मानसिक शक्ति का परीक्षण करती है, जैसा कि कोई अन्य परीक्षा नहीं कर सकती। क्योंकि, आपके सबसे मुश्किल क्षण में, आपका एकमात्र मार्गदर्शक बल आपकी अंदरूनी शक्ति ही होती है।”

अपनी बात को आगे बढ़ाते हुए रोमन कहते हैं,
“हमेशा सीखने की भूख ही मुझे संचालित करती है। मैं हर स्थिति और हर किसी से सीखना चाहता हूं। मुझे हर समय ज्ञान की प्यास बनी रहती है और मैं बेशर्मी से नई जानकारी तलाशता रहता हूं। यही वजह है कि मैं रुकता नहीं हूं, बल्कि हमेशा चलता रहता हूं।”

ये सच है कि UPSC की तैयारी में काफी खर्च हो जाता है और हर किसी के लिए चाह कर भी इसकी कोचिंग लेना आसान बात नहीं है। डॉक्टर बनने के बाद रोमन ने सिविल सेवा की परीक्षा दी और परीक्षा में 18वां अंक प्राप्त करने के बाद ये फैसला किया कि वे प्रतिभागियों की अॉनलाइन ट्रेनिंग के माध्यम से मदद करेंगे और अपने इसी सपने को आकार देते हुए रोमन ने Unacademy की शुरूआत कर दी। Unacademy एक अॉनलाइन यू ट्यूब कोचिंग चैनल/पोर्टल है, जिसे रोमन अपने दोस्तों के साथ मिलकर चलाते हैं। रोमन के अलावा Unacademy को-फाउंडर्स गौरव मुंजाल, हेमेश सिंह और सचिन गुप्ता की मेहनत का नतीजा है। यू ट्यूब के इस चैनल पर चलने वाले वीडियोज़ को अनिगिनत व्यूज़, लाइक्स और कमेंट्स मिलते हैं। इस चैनल की मदद से कई प्रतिभागियों ने अपने एग्ज़ाम्स में बेहतरीन किया है। इस चैनल पर चलने वाले वीडियोज़ और रोमन के भाषण प्रतिभागियों को निखारने का काम करते हैं साथ ही उन्हें ऐसे गुर सिखाते हैं, जो उनके लिए सिविल सेवा एग्ज़ाम्स में सहायक होते हैं।

डॉ. रोमन सैनी के बारे में विस्तार से जानने के लिए नीचे दिये गये वीडियो को ज़रूर देखें और साथ ही यूट्यूब चैनल Unacademy को सब्सक्राइब करना न भूलें।

 

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