तेज हो चुकी है अयोध्या विवाद सुलझाने की मुहिम

पर्दे के पीछे अयोध्या विवाद को सुलझाने की मुहिम तेज हो गई है. इसी क्रम में आध्यात्मिक गुरू श्रीश्री रविशंकर अयोध्या जाने से पहले उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से मिल सकते हैं.

16 नवंबर को श्रीश्री रविशंकर अयोध्या जा रहे हैं. वहां वे रामलला के दर्शन करेंगे, अलग-अलग अखाड़ों और संतों से मुलाकात करेंगे और साथ ही अन्य पक्षकारों से भी मुलाकात कर सकते हैं. लेकिन, सबसे अहम है श्रीश्री रविशंकर का योगी आदित्यनाथ से मिलना. 15 नवंबर की शाम योगी आदित्यनाथ श्रीश्री से मिलेंगे. चर्चा यह है कि अयोध्या विवाद को सुलझाने की श्रीश्री की कोशिश में योगी आदित्यनाथ भी चुपचाप मदद कर रहे हैं.

योगी आदित्यनाथ से मुलाकात के पहले श्रीश्री रविशंकर, शिवसेना के सांसद संजय राउत से मुलाकात कर चुके हैं. इसके अलावा श्रीश्री रविशंकर की मुलाकात ऑल इंडिया मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड के कमाल फारुखी से भी हो चुकी है. हिंदू महासभा के चक्रपाणि, गरीब नवाज फाउंडेशन के मोहम्मद अंसार रजा, निर्मोही अखाड़े के नरेंद्र गिरी और दूसरे हिंदू संगठन भी श्रीश्री रविशंकर से मिल चुके हैं.

अयोध्या से लौटने के बाद योगी सरकार के अल्पसंख्यक मामलों के मंत्री मोहसिन रजा कई मुस्लिम बुद्धिजीवियों के साथ श्रीश्री रविशंकर से मिलेंगे. मोहसिन रजा के मुताबिक मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड के कई सदस्य उनके संपर्क में हैं. शिया सेंट्रल वक्फ बोर्ड का मसौदा भी तैयार है जिसमें सुलह के फॉर्मूले को सामने रखा गया है. इस मसौदे में बाबरी मस्जिद को अयोध्या और फैजाबाद से बाहर बनाने की बात की गई है जिसे लेकर मुस्लिम संगठनों में विरोधी भी है.

बताया जा रहा है कि सुब्रमण्यम स्वामी की एक गुपचुप पहल के बाद पर्दे के पीछे समानांतर बातचीत चल रही है. जिसमें तमाम पक्ष एक बात पर राजी होते जा रहे हैं कि अदालती आदेश के पहले कोई ना कोई हल बैठकर निकाल लिया जाए. क्योंकि, अगर अदालत का फैसला आता है तो एक पक्ष बहुत खुश होगा जबकि दूसरा पक्ष बहुत नाराज, जो देश के लिए ठीक नहीं होगा.

 पर्दे के पीछे मध्यस्थ की भूमिका निभाने में श्रीश्री रविशंकर के साथ खड़े अमरनाथ मिश्रा कहते हैं, “मुलाकात कर रहे सभी पक्ष जल्द से जल्द समाधान चाहते हैं और सभी का रुख सकारात्मक है.”

श्रीश्री के अयोध्या दौरे और सीएम योगी से मुलाकात के बाद पिछले कुछ दिनों से पर्दे के पीछे चल रही बातचीत सामने आएगी. अयोध्या मसले को लेकर चल रही है बातचीत फिलहाल गैर सियासी है. इसलिए तमाम सियासी दल अभी तक चुप हैं. यही वजह है कि योगी आदित्यनाथ ने भी इस बातचीत पर अपनी नजरें जरूर बना रखी हैं लेकिन फिलहाल बोलने से साफ परहेज कर रहे हैं.

About News Trust of India

News Trust of India न्यूज़ ट्रस्ट ऑफ़ इंडिया

Leave a Reply

Your email address will not be published.

error: Content is protected !!

ăn dặm kiểu NhậtResponsive WordPress Themenhà cấp 4 nông thônthời trang trẻ emgiày cao gótshop giày nữdownload wordpress pluginsmẫu biệt thự đẹpepichouseáo sơ mi nữhouse beautiful