नोएडा फेक एनकाउंटर- प्रमोशन के लिए घिनौना खेल

नोएडा सेक्टर 122 में 3 फरवरी की रात कथित तौर पर पुलिस के हाथों जिम ट्रेनर जीतेंद्र को गोली लगने के मामले में कई खुलासे हुए हैं. आरोप है कि सेक्टर 122 के चौकी इंचार्ज विजय दर्शन शर्मा ने 3 फरवरी की रात जीतेंद्र यादव नाम के एक लड़के की गर्दन में गोली मार दी. जीतेंद्र स्कॉर्पियो से अपने दोस्तों के साथ गाजियाबाद से बहन की सगाई से लौट रहा था, जबकि विजय दर्शन के साथ तीन पुलिसकर्मी और थे.

जीतेंद्र के दोस्तों के मुताबिक विजय दर्शन ने उन्हें धमकी दी कि ‘प्रमोशन का सीज़न चल रहा है और आउट ऑफ टर्न प्रमोशन के लिए उन्हें एक-दो को टपकाना है.’ इन दिनों बदमाशों का धड़ल्ले से एनकाउंटर कर रही यूपी पुलिस पर नोएडा के इस मामले की वजह से फेक एनकाउंटर का आरोप लग रहा है, जबकि पुलिस इसे ‘आपसी रंजिश का मामला’ बता रही है. इस केस में अब तक चार पुलिसवाले सस्पेंड हो चुके हैं और आरोपी सब इंस्पेक्टर विजय दर्शन को गिरफ्तार किया गया है.

3 फरवरी की रात जीतेंद्र स्कॉर्पियो में अपने दोस्तों के साथ था. उसके दो दोस्तों सोनू और लखन यादव ने बताया कि पहले विजय दर्शन ने उनका एनकाउंटर करने की बात कही. जब जीतेंद्र ने इसका विरोध किया, तो उन्होंने उसे गोली मार दी. जब उन्होंने कॉल करने के लिए फोन उठाया, तो वो गाड़ी में गिर गया, जिसे पुलिस ने दोबारा उठाने नहीं दिया. फिर विजय ने किसी अधिकारी को फोन करके बताया कि ‘एक का एनकाउंटर हो चुका है और दो बंदे बचे हैं. इनका क्या करना है.’ फोन कटने के बाद पुलिस इन दोनों को जंगल की तरफ ले जाने लगी और विजय ने फिर किसी को फोन करके तमंचा लेकर आने को कहा.

ये सुनकर ये दोनों शोर मचाने लगे और पुलिसवालों के पैर पकड़ गुहार लगाने लगे कि वो पहले जीतेंद्र को हॉस्पिटल ले चलें. इसके बाद विजय की फिर किसी पुलिसवाले से बात हुई और फिर वो जीतेंद्र को हॉस्पिटल ले गए. इसके बाद से वो पुलिसवाले फरार हैं और जीतेंद्र के अन्य तीन दोस्त भी नहीं मिल रहे हैं. पुलिस पर आरोप है कि उन्होंने ही जीतेंद्र के बाकी तीनों दोस्तों को गायब किया है, जिससे केस कमज़ोर हो सके.

पुलिस के पास अपनी अलग थ्योरी है

पुलिस की तरफ से बताया गया कि विजय दर्शन को कुछ लोगों के शराब पीकर गाड़ी में ऊंची आवाज़ में गाना बजाने की शिकायत मिली थी. पुलिस के उनके पास पहुंचने पर एक सिपाही ने जीतेंद्र को पिछली सीट पर भेज दिया और खुद ड्राइविंग सीट पर बैठ गया. जीतेंद्र के विरोध करने पर पुलिस ने उसे धमकाने के लिए पिस्टल निकाली और हाथापाई में गोली चल गई. खुद को बचाने के लिए पुलिसकर्मी इस घटना को एनकाउंटर से जोड़ने लगे, लेकिन ऊपर के अधिकारियों ने साफ मना कर दिया. इसके बाद विजय ने खुद जीतेंद्र को हॉस्पिटल पहुंचाया.

और घरवालों के पास अपनी थ्योरी है

जीतेंद्र का एक भाई आरोपी सब इंस्पेक्टर विजय दर्शन को जानता था. जीतेंद्र के घरवाले कह रहे हैं कि नशे में धुत्त विजय ने प्रमोशन पाने की बात कहकर जीतेंद्र का फेन एनकाउंटर किया. परिवार के कुछ लोग इसे जातीय हिंसा का मामला भी बता रहे हैं. जीतेंद्र के एक भाई करमवीर यादव ने कहा कि यूपी सरकार 48 घंटे में इस केस की CBI जांच की सिफारिश करे, वरना बड़े स्तर पर विरोध किया जाएगा. करमवीर ने बताया कि 3 फरवरी की रात जीतेंद्र जिस बहन की सगाई से लौट रहा था, उसकी 7 फरवरी को शादी है.

जीतेंद्र के भाई और आरोपी पुलिसवाले विजय का क्या कनेक्शन है

जीतेंद्र नोएडा सेक्टर 122 के पर्थला गांव में जिम चलाता है. उसके भाई धर्मेंद्र यादव की गांव के पास में ही एक मार्केट है. पर्थला चौकी के सिपाही इस मार्केट में आते थे और जनरल स्टोर से बिना पैसे दिए सामान लेकर चले जाते थे. इस बात पर धर्मेंद्र ने विजय से आपत्ति जताई थी. इसी सिलसिले में धर्मेंद्र को कई बार पुलिस के पास जाना पड़ा और विजय से उनकी दोस्ती हो गई. रिपोर्ट्स के मुताबिक जब आरोपी विजय ने जीतेंद्र को गोली मारी, तब उसे नहीं पता था कि जीतेंद्र और धर्मेंद्र भाई हैं.

जिस गाड़ी से बहादुरी का अवॉर्ड लेने गया, उसी में बैठे आदमी को गोली मारी?

नोएडा पुलिस ने पिछले दिनों फेज़-3 एरिया में कुछ बदमाशों का एनकाउंटर किया था. इन बदमाशों पर गार्ड की हत्या करके लूट करने का आरोप था. पुलिस की जिस टीम ने ये एनकाउंटर किया था, विजय दर्शन भी उस टीम का हिस्सा था. 26 जनवरी को इस टीम को सम्मानित करने के लिए पुलिस लाइन बुलाया गया था. पुलिस लाइन जाने के लिए विजय ने धर्मेंद्र से गाड़ी मंगवाई थी और ये वही स्कॉर्पियो थी, जिसमें 3 जनवरी की रात जीतेंद्र बैठा था.

विजय दर्शन के चक्कर में फंस गए DSP जीतेंद्र कुमार

नोएडा के फेज़ 3 थाने में तैनात DSP जीतेंद्र कुमार पर ये केस बहुत भारी पड़ रहा है. खेल कोटे से इंस्पेक्टर बने जीतेंद्र की अब तक नोएडा के कई थानों में तैनाती हो चुकी है. वो एनकाउंटर स्पेशलिस्ट हैं और नोएडा में करीब एक दर्जन एनकाउंटर में 20 बदमाशों को पकड़ चुके हैं. पिछले दिनों ही उनका प्रमोशन करके उन्हें DSP पद दिया गया, लेकिन नई तैनाती न मिलने की वजह से अभी वो अपना पुराना चार्ज ही संभाल रहे हैं. पर अब उनका नाम जिम ट्रेनर जीतेंद्र के मामले में आ गया है.

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