युवाओं के लिए राज्य में बनेगा कोस्ट गार्ड भर्ती सेंटर

देहरादून : सैन्य बहुल उत्तराखंड के युवाओं के लिए अच्छी खबर। अब उन्हें विश्व के चौथे नंबर के तटरक्षक बल, इंडियन कोस्टगार्ड (भारतीय तटरक्षक बल) में भर्ती का अवसर मिल सकेगा। देहरादून पहुंचे कोस्टगार्ड के महानिदेशक राजेंद्र सिंह ने बातचीत में बताया कि उत्तराखंड में जल्द ही कोस्टगार्ड का रिक्रूटमेंट सेंटर अस्तित्व में आएगा। मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत ने इसके लिए देहरादून के डोईवाला क्षेत्र में सौंग नदी के किनारे भूमि उपलब्ध कराने की बात कही है। उन्होंने उम्मीद जताई कि जून 2019 से पहले यह सेंटर खुल जाएगा।

राज्य के युवाओं के लिए सेना में जाने के विकल्प तो खूब हैं, लेकिन कोस्टगार्ड में इनकी संख्या कम है। वजह यह कि अभी राज्य में कोस्टगार्ड का कोई भर्ती सेंटर नहीं है। अलबत्ता, कोस्टगार्ड की मोबाइल टीम कभी कभार यहां आकर भर्ती करती थी। इस दिशा में भी जून 2013 की आपदा के बाद तेजी आई और गौचर, उत्तरकाशी समेत अन्य स्थानों पर कोस्टगार्ड की भर्ती गई। कोस्टगार्ड के डीजी राजेंद्र सिंह ने बताया कि अब उत्तराखंड में भी भर्ती सेंटर खोला जा रहा है।

महानिदेशक राजेंद्र सिंह के अनुसार रैबार कार्यक्रम के दौरान जब उन्होंने इस बारे में मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत से बात की तो उन्होंने तुरंत हामी भरी। मुख्यमंत्री ने कोस्टगार्ड के रिक्रूटमेंट सेंटर के लिए डोईवाला क्षेत्र में सौंग नदी से लगी करीब सात एकड़ भूमि उपलब्ध कराने का भरोसा दिलाया है। कोस्टगार्ड को भी ऐसी ही जगह चाहिए, जो नदी के किनारे हो। उन्होंने कहा कि भूमि मिलते ही इस भर्ती सेंटर की कवायद प्रारंभ कर दी जाएगी।

गुजरात की सीमा बेहद चुनौतीपूर्ण 

डीजी कोस्टगार्ड ने माना कि 7516 किलोमीटर लंबी भारत की समुद्री सीमा में पाकिस्तान से लगी गुजरात की 1650 किमी लंबी सीमा अधिक संवेदनशील और चुनौतीपूर्ण है। उन्होंने कहा कि कोस्टगार्ड ने इस चुनौती को स्वीकारा और गुजरात सीमा के लिए स्पेशल रीजनल हेडक्वाटर स्थापित करने के साथ ही सात सेक्टरों में अपनी क्षमता को हर तरह से मजबूत किया है। इसके अच्छे नतीजे भी सामने आए हैं। देश की सबसे बड़ी 3500 करोड़ की ड्रग तस्करी को कोस्टगार्ड ने इसी सीमा में पकड़ा।

आधुनिक तकनीकी से लैस कोस्टगार्ड 

एक सवाल पर डीजी कोस्टगार्ड ने कहा कि इंडियन कोस्टगार्ड विश्व में चौथे स्थान पर है। इस फोर्स के सभी शिप, एयरक्राफ्ट, कोस्टल सर्विलांस सिस्टम, राडार सभी कुछ पूरी तरह आधुनिक तकनीकी से लैस हैं। उन्होंने कहा कि कोस्टगार्ड किसी भी परिस्थिति से निबटने के लिए हर समय तत्पर हैं।

रिटायरमेंट के बाद बिरमऊ होगा पता 

उत्तराखंड के चकराता क्षेत्र के मूल निवासी डीजी कोस्टगार्ड ने कहा कि 2019 में वह सेवानिवृत्त होंगे। इसके बाद वह अपने गांव बिरमऊ में रहेंगे। इस कड़ी में वह यहां घर बनवा रहे हैं। रिटायरमेंट के बाद दिल्ली नहीं, बल्कि बिरमऊ उनका पता होगा।

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