गैरसैंण सत्र: किडनी कांड पर जबरदस्त हंगामा

गैरसैंण विधानसभा सत्र।
आज जैसे ही सत्र शुरू हुआ वैसे ही विपक्ष में नेता प्रतिपक्ष इंदिरा हृदियेश और विधायक करण महरा ने रेखा आर्य के पति गिरधारी लाल साहू से जुड़े किडनी कांड पर जवाब देने को कहा। विपक्ष के सवाल के जवाब देने जैसे ही रेखा आर्या उठी वैसे ही विपक्ष का हंगामा शुरू हो गया। इंदिरा हृदियेश ने कहा कि वो इस मामले में रेखा आर्य से नहीं बल्कि सरकार से जवाब चाहती है।

इंदिरा हृदियेश ने कहा कि पहले तो रेखा आर्या ये बताए कि वो किस हैसियत से इस मामले में जवाब देने के लिए उठी है। हमने किडनी कांड के आरोपी साहू और उनकी पत्नी वैजंती माला का नाम लिया था। रेखा आर्य साहू की कौन हैं? पहले ये बताए तब जाकर सदन में विपक्ष उनका जवाब सुनेगा। विपक्ष ने कहा कि सरकार जीरो टॉलरेंस की बात कर रही है लेकिन साहू न केवल हिस्ट्रीशीटर है बल्कि उनके ऊपर 200 से ज्यादा मुकदमे चल रहे है ।

विपक्ष  ने नियम 310 के तहत कानून व्यवस्था पर भी सवाल उठाया। इसके साथ ही सदन में पेयजल, गन्ना मुल्य भुगतान, स्वास्थ्य व्यवस्था, हेल्थ कार्ड के मुद्दों को उठाते हुए वेल में प्रदर्शन किया। हंगामे के बाद स्पीकर ने सदन को तीन बजे तक के लिए स्थगित किया। फिलहाल फिर से सदन में कार्यवाही शुरू हो गई है।

सत्र के दूसरे दिन अनुपूरक बजट पास किया जाएगा, साथ ही गैरसैंण को ग्रीष्मकालीन राजधानी बनाने के मुद्दे पर विधानसभा का प्रस्ताव आ सकता है। इतना ही नहीं  प्रवर समिति की रिपोर्ट पर लोकायुक्त के गठन के लिये बिल भी पेश करने की उम्मीद है।

सत्र का पहला दिन रहा हंगामेदार
यही नहीं उन्होंने विधानसभा को घेरने का भी प्रयास किया, लेकिन पुलिस ने उन्हें पहले ही गिरफ्तार कर लिया। पहाड़ की जनता को तब अचरज हुआ जब मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र रावत और उनका मंत्रीमंडल हवाई जहाज से गैरसैंण के सत्र में भाग लेने पहुंचा, तब उन्होंने सोचा कि यहां को लेकर उनका चिंतन भी हवाई ही होगा।

कहीं बारिश सत्र में न डाल दे खनन
लोगों के मुताबिक अगर वह कार से सड़क मार्ग से होते हुए यहां आते तो उन्हें पहाड़ों के मोटर  मार्गों की वास्तविक स्थिति का पता भी चल जाता। वहीं, यहां की जनता मांग कर रही है कि इस सत्र में गैरसैंण को तत्काल राज्य की स्थाई राजधानी बनाए जाने का निर्णय लिया जाए।
जनता को इस सत्र से हैं काफी उम्मीदें
वहीं, इस समय सत्तारूढ़ भारतीय जनता पार्टी के त्रिवेंद्र रावत मंत्रिमंडल के पास उत्तराखंड के इतिहास के लिये स्वर्णिम गाथा लिखने का मौका है, अन्यथा जैसे पहले कांग्रेस के पूर्व मुख्यमंत्री विजय बहुगुणा गैरसैंण में विधानसभा भवन के शिलान्यास करने और हरीश रावत विधानसभा भवन बनाने के बावजूद स्थाई राजधानी बनाने की घोषणा ही नहीं कर सके, वह उनकी बड़ी ऐतिहासिक चूक है, जिसका खामियाजा यहां की जनता भुगत रही है।

आज है दूसरा दिन
7 दिसंबर से शुरू हुए गैरसैंण सत्र का पहले दिन काफी हंगामेदार रहा। विपक्ष ने चारों ओर से राज्य की सरकार को घेरने का काम किया। वहीं आज यानि सत्र के दूसरे दिन क्या-क्या होने वाला है, ये देखने लायक होगा।

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