उत्तराखंड में 22 लाख परिवार करा सकेंगे मुफ्त इलाज

केंद्र सरकार की महत्वाकांक्षी स्वास्थ्य योजना आयुष्मान भारत के तहत श्री महंत इंदिरेश अस्पताल, हिमालयन अस्पताल, सिनर्जी, मैक्स, कैलाश जैसे बड़े निजी/ ट्रस्ट के अस्पतालों में भी मरीज इलाज करा सकेंगे।

स्वास्थ्य विभाग ने इसके लिए तैयारी शुरू कर दी है। राज्य के सभी सरकारी अस्पतालों में तो इलाज की सुविधा उपलब्ध रहेगी ही। इसके तहत राज्य के 22 लाख परिवारों को कैंसर, हृदयरोग समेत 1349 बीमारियों के इलाज की सुविधाएं मुफ्त देने की तैयारी है। 25 सितंबर को पंडित दीनदयाल उपाध्याय के जन्मदिवस पर पूरे देश में एक साथ लागू की जा रही है।

आयुष्मान भारत योजना की नोडल अधिकारी व अपर निदेशक स्वास्थ्य डॉ. सरोज नैथानी ने बताया कि केंद्र सरकार की ओर से वर्ष 2011 में कराए गए सामाजिक और आर्थिक सर्वे के आंकड़ों के मुताबिक राज्य के 534578 परिवारों को योजना का लाभ दिया जाना है। अब तक राज्य में 61.9 फीसदी लाभार्थियों का डाटा फीड किया जा चुका है। ग्रामीण क्षेत्रों में 391909 और शहरी क्षेत्रों में 142669 परिवारों को चिन्हित किया गया है। इसके अलावा इसी योजना के साथ मुख्यमंत्री स्वास्थ्य बीमा योजना से जुड़े 12 लाख परिवारों, साढृे चार लाख यू हेल्थ कार्डधारक, सेवारत व सेवानिवृत्त सरकारी अधिकारियों, कर्मचारियों को भी योजना के तहत आच्छादित किया जाएगा। इस तरह से राज्य के करीब 22 लाख परिवारों को इस योजना का लाभ देने की तैयारी है। सरकार की मंशा इस योजना को सार्वभौम योजना के तौर पर राज्य में लागू कर सभी को पांच लाख रुपये के इलाज की सुविधा देने की है।

डॉ. सरोज नैथानी ने बताया कि किसी का नाम योजना में शामिल है या नहीं, यह जानने के लिए उन्हें अपना आधार कार्ड, राशन कार्ड व मोबाइल नंबर लेकर सीएमओ कार्यालय, जिला अस्पताल, सीएचसी या कामन सर्विस सेंटर में जाकर भौतिक सत्यापन कराना होगा। दस्तावेजों की जानकारी साफ्टवेयर में दर्ज होने के साथ ही लाभार्थी का नाम गोल्डन रिकार्ड में दर्ज हो जाएगा। उसके बाद ही लोगों को योजना का लाभ मिल सकेगा।

डाटा इंट्री में दून व हरिद्वार सबसे फिसड्डी
स्वास्थ्य विभाग के आंकड़ों के अनुसार योजना के लिए डाटा इंट्री के मामले में बागेश्वर, पौड़ी गढ़वाल, रुद्रप्रयाग की स्थिति बहुत अच्छी है, जबकि हरिद्वार व देहरादून की स्थिति बेहद खराब है। रुद्रप्रयाग में 98.6, पौड़ी गढ़वाल में 97.4 व बागेश्वर में 95.6 फीसदी लोगों का डाटा फीड किया जा चुका है।

अल्मोड़ा में 89.7, चमोली में 73.8, चंपावत में 84.3, नैनीताल में 60.1, पिथौरागढ़ में 85.5, टिहरी में 78.1, ऊधमसिंह नगर में 68.8 , देहरादून में 50.6 व हरिद्वार में सबसे कम 23.3 फीसदी लोगों का डाटा फीड किया गया है।

अपर निदेशक की मानें तो आयुष्मान भारत योजना का लाभ सामाजिक आर्थिक सर्वे के आधार पर चिन्हित लोगों के साथ ही मुख्यमंत्री स्वास्थ्य बीमा योजना, यू हेल्थ कार्डधारक, सरकारी अधिकारियों व कर्मचारियों को भी मिलेगा। हालांकि इस संबंध में अभी कैबिनेट में फैसला लिया जाना है।

लाभार्थियों को दिया जा रहा ई-कार्ड
आयुष्मान भारत योजना के लाभार्थियों को ई-कार्ड जारी किया जा रहा है। ई-कार्ड में क्यूआर कोड व बार कोड के जरिये लाभार्थी की सारी जानकारियां कंप्यूटर से तत्काल हासिल की जा सकेगी। योजना के तहत इलाज कराने के लिए लाभार्थी को यह ई-कार्ड दिखाना होगा।

आयुष्मान भारत योजना पर राज्य में तेजी से कार्य चल रहा है। योजना संचालित करने को लेकर ट्रस्ट का गठन करने के साथ ही निजी अस्पतालों के साथ समझौते किए जा रहे हैं। राज्य के अलावा देश के बडे़ निजी अस्पतालों ने योजना के तहत मरीजों का इलाज करने में दिलचस्पी दिखाई है। उम्मीद है कि लाभार्थियों को जल्द ही योजना का लाभ मिलेगा। 
– युगल किशोर पंत, अपर सचिव स्वास्थ्य व राज्य परियोजना निदेशक, एनएचएम

 

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