अंधभक्तों के गुरू घंटाल की शामत, आशुभाई पहुंचा जेल

तंत्र-मंत्र और साधना से लोगों की हर तकलीफ़ दूर करने का दावा करने वाला आसिफ खान कैसे आख़िर कैसे बना आशु भाई गुरूजी? कैसे दिल्ली की एक जेजे कॉलोनी यानी झुग्गियों में रहने वाला आसिफ खान उर्फ़ आशु भाई गुरूजी पीतमपुरा के इस आलीशान बंगले तक पहुँचा? कभी ड्राईक्लीन की दुकान चलाने वाला आसिफ खान आख़िर करोड़ों रूपये का मालिक कैसे बन बैठा?

एक और बाबा आशुभाई गुरुजी की हवस भरी कहानी और नंगे सच अब सबके सामने हैं. मुसलमान होने के बावजूद हिंदू बनकर लोगों की आस्था और एक महिला की अस्मत से खिलवाड़ करने वाले ये नए बाबा दिल्ली के आशु भाई गुरूजी उर्फ आसिफ खान हैं. जेल जाने वाले एक और गुरू घंटाल. हद है वाकई. हर दो-तीन महीने में एक ना एक बलात्कारी बाबा सामने आ ही जाता है.

जेल में दिन काट रहे बाकी बाबाओं की जमात में शामिल हुए अपने इस सबसे ताज़ा बाबा ने अपने चेहरे की तरह अपना मज़हब भी बदल लिया था. दिल्ली के इस हाईप्रोफाइल बाबा पर भी बाकी बाबाओं की तरह बलात्कार का ही इलज़ाम है. तो आइए इन सबसे ताजे बाबा के साथ-साथ जेल में पड़े अपने बाकी बाबाओं को भी आज फिर से याद कर लें.

जेल में रो रहा है आसाराम बापू. नारायण साईं को भी चैन नहीं. राम रहीम की है हालत ख़राब. हनीप्रीत को अकेलापन सताता है. इच्छाधारी का डांस निकल गया. जेल के आहार पर ज़िंदा है फलाहारी. वीरेंद्र देव दीक्षित गुमशुदा है तो साड़ी वाले बाबा की दुकान बंद है. कुल मिलाकर अंधभक्तों के गुरू घंटालों की शामत आई हुई है. एक एक करके सब के सब अपने अपने आश्रमों से निकलकर बड़े घर जा रहे हैं.

अब इन गुरूघंटालों में एक और नाम जुड़ गया है. आशु भाई गुरुजी उर्फ आसिफ खान का. हालांकि ये बाबा थोड़ा अलग है. इसने गुरूघंटाओं की रवायत ही बदलकर रख दी है. अक्सर ये गुरूघंटाल अपने अपने धर्मों के अनुयायियों को ही चूना लगाते थे, मगर इसने तो मुसलमान होने के बावजूद लाखों हिंदू भक्तों को ही चपत लगा दी.

और तो और गाज़ियाबाद की पीड़ित महिला की रेप की शिकायत पर जांच कर रही पुलिस तो शुरूआत में खुद हैरान रह गई कि वो ढूंढे तो किसे ढूंढे आशुभाई गुरूजी को या आसिफ खान को. क्योंकि जिसे पुलिस आशु भाई गुरूजी समझ रही थी वो असल में आसिफ खान था. आस्था के धंधे में फायदा नज़र आया और वो स्वयंभू बाबा बन गया.

इसने पहले मुसलमान से हिंदू बनकर अपनी तक़दीर बदली. फिर लोगों की किस्मत बदलने का धंधा शुरू कर दिया. महज़ 20 साल में अरबों रुपयों की प्रॉपर्टी खड़ी कर ली. खुद को भगवान मान बैठा और भक्तों को अपना गुलाम. बस यहीं उससे गलती हुई. उसने अपने रुतबे को कानून से ऊपर समझते हुए अपनी एक भक्त को अपनी शिकार बनाया और आए दिन उसके साथ बलात्कार करने लगा. हद तो तब हो गई जब उसकी काली नज़र उसकी बेटी पर पड़ी.

बस वक्त के पहिए ने उल्टा घूमना शुरू कर दिया. लाख धमकाने के बाद भी महिला ने हिम्मत दिखाई और अपनी बच्ची को काल के गर्त में समाने से बचाने के लिए उसने बाबा के खिलाफ हौज़खास थाने में दर्ज करवा दी एफआईआर. 9 सितंबर को मुकदमा दर्ज हुआ और महज़ 4 दिन के अंदर यानी 13 सितंबर 2018 को दिल्ली पुलिस ने बाबा को धर दबोचा.

क्राइम ब्रांच ने आसिफ ख़ान उर्फ आशु भाई गुरुजी से महिला के रेप और उसके बेटी से छेड़छाड़ के मामले में पूछताछ शुरू की. मगर हर मुजरिम की तरह आशुभाई ने क्राइम ब्रांच के तमाम सवाल के जवाब में कहा, मैं बेगुनाह हूं. मगर इस फर्ज़ी बाबा की बेगुनाही की पोल एफआईआर की कॉपी खोल रही है. जिसमें पीड़ित महिला ने लिखा है-

“मैं गुरु जी को 2008 से जानती हूं. मेरी बेटी की तबियत ठीक नहीं थी. उसके पैरों में दर्द रहता था. गुरुजी ने उसका इलाज किया. तब वो 6 साल की थी. गुरुजी उसके सारे कपड़े उतार के मेरे सामने मालिश करते थे. वो मुझे रोहिणी वाले आश्रम में बुलाते थे. 2013 में गुरुजी ने अपने साथियों के साथ मिलकर यहीं मेरा शोषण किया. मुझे पानी में कुछ मिलाकर पिलाया गया. जब मुझे होश आया तो मुझे धमकी दी गई कि मुझे, मेरे बच्चों और पति को जान से मार दिया जाएगा. मैं डर गई और मेरे शोषण का सिलसिला चलता रहा. इस दौरान उनके बेटे समर और उनके साथियों ने भी मेरा शोषण किया. इसके बाद वो मेरे को आश्रम बुलाने की ज़िद करने लगे. गुरुजी कहते थे कि अभी तू मेरी गुलाम थी, अब तुम्हारी बेटी मेरी गुलाम बनेगी. 2017 में मैं अपनी बेटी के साथ हौज़खास वाले आश्रम में गई. जहां उन्होंने मेरी बेटी को गलत तरीके से छुआ.”

पीड़ित महिला की एफआईआर के बाद मामले की गंभीरता को देखते हुए ये केस क्राइम ब्रांच को सौंप दिया. जांच तेज़ हुई बाबा के सभी ठिकानों जिसमें कोहाट इंक्लेव के उसके मकान. रोहिणी के आश्रम और हौज़खास में छापेमारी हुई. बाबा तो बाद में मिला मगर उससे पहले क्राइम ब्रांच का सामना यहां बाबा की एक दूसरी हकीकत से हुआ. पता चला कि निर्वाचन आयोग की वोटर लिस्ट में आशु भाई गुरुजी की फोटो के सामने उसका नाम आसिफ खान दर्ज है. अब आलम ये है कि दूसरों का हाथ देखकर भविष्य बताने का दावा करने वाला आशु महाराज उर्फ आसिफ की खुद की किस्मत अदालत के हाथों में है.

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