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राज्याभिषेक के बाद गंदगी से बिलबिला उठी अयोध्या

अयोध्या.  छोटी दीपावली के पर्व के मौके पर प्रदेश सरकार ने अयोध्या में भगवान राम के राज्याभिषेक कार्यक्रम के जरिए इस पौराणिक नगरी को पर्यटन के नक्शे पर पूरी दुनिया में पहुंचाने की कोशिश की। इस भव्य आयोजन की चर्चा निश्चित रूप से देश में ही नहीं विदेश में भी हुई। इसी कार्यक्रम की श्रृंखला की एक कड़ी सरयू तट के किनारे बने राम की पैड़ी परिसर में 1,71,000 दीपक जलाकर वर्ल्ड रिकॉर्ड बनाने की थी। जिसकी जिम्मेदारी फैजाबाद के डॉ राम मनोहर लोहिया अवध विश्वविद्यालय और जिले के तमाम सामाजिक संगठनों और शैक्षणिक संस्थानों के छात्रों की थी।

इन छात्रों ने पूरी निष्ठा के साथ 2 दिन की मेहनत कर अयोध्या में वर्ल्ड रिकॉर्ड बनाने में कोई कोर कसर नहीं छोड़ी।छोटी दीपावली के दिन ही राम नगरी अयोध्या में दीपावली का उत्सव मना लिया गया। लेकिन इस आयोजन के बीत जाने के बाद राम की पैड़ी की जो तस्वीर सामने आई। उसकी उम्मीद अयोध्या के लोगों को नहीं थी। करीब पौने दो लाख दीपक पूरे राम की पैड़ी में फैले हुए थे , चारों तरफ दीपक में भरा हुआ तेल बिखरा पड़ा था और राम की पैड़ी की सीढ़ियां बेहद गंदी थी। यह तस्वीर उस रोज की है जिस दिन पूरे देश में दीपावली का पर्व मनाया जा रहा था लेकिन दीवाली के दिन भी भगवान राम की नगरी का रामपैडी परिसर गंदगी से पटा पड़ा था। आयोजन निपट जाने के बाद न सिर्फ रामनगरी अयोध्या की बदसूरत तस्वीर सामने आ गई इतना ही नहीं देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के स्वच्छ भारत अभियान की धज्जियां उड़ा दी गई।

लोगों ने कहा- क्या ऐसे प्रयास से विश्व पर्यटन के मानचित्र पर पहुंचेगी अयोध्या

दीपावली के अगले दिन 20 अक्टूबर की सुबह जब NTI टीम सरयू घाट के किनारे स्थित राम की पैड़ी परिसर पहुंची तो वहां का नजारा बेहद चौंकाने वाला था। हरिद्वार में हर की पैड़ी की तर्ज पर अयोध्या में बनी राम की पैड़ी गंदगी से बिलबिला रही थी।राम की पैड़ी की सीढ़ियों पर बड़े पैमाने पर तेल और मिट्टी के दीपक फैले हुए थे। घाट के किनारे रहने वाले तमाम लोगों ने इस लापरवाही को देखते हुए नाराजगी भी जताई।राम की पैड़ी परिसर में रहने वाले सुनील मिश्रा ने बताया की 19 अक्टूबर को जो कार्यक्रम इस परिसर में हुआ वह इतिहास में दर्ज हो गया। ऐसा कार्यक्रम उन्होंने अपने जीवन में कभी नहीं देखा था। लेकिन अगले दिन 19 अक्टूबर की सुबह राम की पैड़ी की जो हालत थी इस तरह की हालत भी उन्होंने अपने जीवन में कभी राम की पड़ी कि नहीं देखी थी। निश्चित रुप से इसके लिए स्थानीय प्रशासन जिम्मेदार है और दीपोत्सव का कार्यक्रम कराने वाली वह समिति भी जिसने वर्ल्ड रिकॉर्ड बनाने में तो कोई कमी नहीं छोड़ी लेकिन राम की पैड़ी को दीपावली के दिन बदसूरत कर दिया।

सरयू घाट पर स्नान करने के बाद राम की पैड़ी घूमने के उद्देश्य से आए गोरखपुर के अमित शर्मा ने बताया कि राम पैड़ी के बारे में बहुत कुछ सुना था इसलिए आज आए थे। लेकिन जो तस्वीर सामने देखी उससे मन दुखी हो गया अयोध्या को विश्व पर्यटन के मानचित्र पर लाने के ऐसे प्रयास ना ही हो तो बेहतर जिसने वास्तविक अयोध्या की तस्वीर खराब कर दी इसके लिए आयोजन समिति और स्थानीय प्रशासन दोनों बराबर के जिम्मेदार हैं।

राम की पैड़ी को कभी इस हाल में नही देखा था

आपको बता दें कि धनतेरस से लेकर अन्नकूट पर्व तक दीपावली के चार दिवसीय उत्सव के दौरान रामनगरी अयोध्या में लाखों की संख्या में श्रद्धालु भगवान के दर्शन और पूजन के लिए आते हैं। विशेष रुप से अन्नकूट के दिन अयोध्या के तमाम मंदिरों में होनेवाले छप्पन भोग प्रसाद कार्यक्रम में बड़े पैमाने पर लोग शामिल होने अयोध्या आए हैं। लेकिन 20 अक्टूबर को अन्नकूट पर्व की सुबह सरयू घाट पर स्नान करने के बाद जब लोग नागेश्वरनाथ मंदिर और राम की पैड़ी परिसर पहुंचे तो नजारा देख हैरान रह गए किसी ने भी अयोध्या की राम की पैड़ी को इस हालत में कभी नहीं देखा था। अहम सवाल यह है कि इस आयोजन की जिम्मेदारी जिन्हें दी गई आखिरकार उन्होंने राम की पैड़ी की खूबसूरती और स्वच्छता को लेकर इतना भद्दा मजाक क्यों किया।

सीएम योगी दे रहे थे नसीहत, दूसरी तरफ गंदगी से बिलख रही थी राम की पैड़ी

वर्ल्ड रिकॉर्ड बनाने के लिए दीपोत्सव का आयोजन कर रही समिति के सदस्य आशीष मिश्र ने कार्यक्रम के पूर्व इस बात का दावा किया था कि जिन वॉलंटियर की ड्यूटी दीप जलाने के लिए लगाई गई है। वही वालंटियर कार्यक्रम समाप्त होने के बाद सभी दीपक हटाएंगे लेकिन ऐसा नहीं हो सका जिसके कारण कार्यक्रम के बाद राम की पैड़ी की बेहद गंदी तस्वीर सामने आ गई। जाहिर तौर पर इस तरह के प्रयासों से राम की पैड़ी और अयोध्या कभी भी विश्व पर्यटन के मानचित्र पर नहीं आ पाएगी। इसके लिए सतत प्रयास की जरूरत है और इस बात को प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ
ने NTI टीम से बातचीत करते हुए अयोध्या के हनुमानगढ़ी मंदिर में भी कहा था। इतना ही नहीं मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने यह भी कहा की अयोध्या को साफ-सुथरा रखने की जिम्मेदारी प्रदेश सरकार की है लेकिन एक तरफ मुख्यमंत्री यह बयान दे रहे थे तो दूसरी तरफ राम की पौड़ी परिसर गंदगी से बज बजा रहा था। कार्यक्रम आयोजन से जुड़े अधिकारियों और समिति ने ना प्रदेश के मुख्यमंत्री का मान रखा और ना ही देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के स्वच्छ भारत मिशन की प्रवाह की और राम की पैड़ी को इस हाल में पहुंचा दिया जैसी वह कभी न थी।

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