गंगा में उड़ेल रहे कंपनी ऑल वेदर रोड का मलबा

उत्तरकाशी। पर्यावरणीय मानकों को लेकर पहले ही एनजीटी और सुप्रीम कोर्ट के आदेशों के फेर में फंसी ऑल वेदर रोड परियोजना पर निर्माण कंपनी की लापरवाही भारी पड़ सकती है। धरासू बैंड के पास चल रहे ट्रीटमेंट कार्य का भारी मलबा निर्धारित डंपिंग जोन के बजाय सीधे गंगा भागीरथी में उड़ेला जा रहा है। वन विभाग द्वारा केस दर्ज करने के बाद भी निर्माण एजेंसी सबक लेने को राजी नहीं है।

एक तरफ गंगा को स्वच्छ करने के लिए नमामि गंगे परियोजना चलाई जा रही है जिसके तहत अब तक 7000 करोड़ रूपये खर्च किये जा चुके हैं. दूसरी तरफ आल वैदर रोड से निकलने वाले मलबे से  गंगा और उसको जलापूर्ति करने वाली सहायक नदियों का गला घोंटा जा रहा है. कार्यदायी संस्थाएं मलबे के लिए डंपिंग जोन विकसित नहीं कर पाई है जिसका खामियाजा गंगा नदी तंत्र को भुगतना पद रहा है. मलबे से न नदी का प्रवाह बाधित हो रहा है बल्कि गाद की मात्रा बढ़ रही है जो मानसून में मैदानों में भारी बाढ़ का कारण बनेगी.

उत्तरकाशी के धरासू और चुंगी बड़ेथी में इसी तरह की स्थिति है.हालाँकि राष्ट्रीय हरित प्राधिकरण(एनजीटी) ने भागीरथी में उड़ेले जा रहे मलबे को लेकर कार्यदायी संस्था और सरकार से जवाब मांगा है, बावजूद इसके गंगा की बर्बादी जारी है. इस मामले में 24 अप्रैल को एनजीटी में सुनवाई होनी है. उत्तरकाशी के धरासू में यह कार्य नेशनल हाईवे इन्फ्रास्ट्रक्चर डेवलपमेंट कॉरपोरेशन लिमिटेड (एनएचआइडीसीएल) करवा रहा है. सड़क के चौड़ीकरण में जितना भी मलबा-पत्थर निकल रहा है,

उसे कार्यदायी संस्था वारुणी सीधे भागीरथी में उड़ेल दे रही है. हालांकि, भागीरथी नदी में मलबा डालने पर वन विभाग ने रोक लगाई हुई है। साथ ही कार्यदायी संस्था को डंपिंग जोन डेवलप करने के भी निर्देश दिए गए हैं. लेकिन जब बात प्रधानमंत्री के ड्रीम प्रोजेक्ट की हो तो फिर किसका डर, किसका खौफ?

गंगोत्री तक ईको सेंसिटिव जोन के चलते ऑल वेदर रोड परियोजना को अभी तक हरी झंडी नहीं मिल पायी है। यहां फिलहाल धरासू बैंड एवं बड़ेथी चुंगी में भूस्खलन का ट्रीटमेंट तथा धरासू बैंड से सिल्क्यारा बैंड के बीच सड़क चौड़ीकरण कार्य चल रहा है। पर्यावरण को हो रहे नुकसान के चलते ही ऑल वेदर रोड परियोजना पर बार-बार कानूनी अड़ंगेबाजी लग रही है। इसके बावजूद धरासू बैंड पर काम कर रही कंपनी सबक लेने को राजी नहीं है। यहां धड़ल्ले से पहाड़ की कटिंग का सारा मलबा निर्धारित डंपिंग जोन के बजाय सीधे गंगा भागीरथी में उड़ेला जा रहा है।

कंपनी के खिलाफ की जा रही है कार्रवाई
प्रभागीय वन अधिकारी संदीप कुमार ने स्वीकारा कि वन अधिनियम का उल्लंघन करने पर धरासू में ऑल वेदर रोड का कार्य कर रही कंपनी के खिलाफ केस दर्ज किया गया। एक हफ्ते के भीतर जुर्माना राशि निर्धारित कर कंपनी से वसूली की जाएगी। इसके साथ ही डंपिंग जोन के बजाय गंगा भागीरथी में मलबा उड़ेले जाने को लेकर भी नोडल अधिकारी को लिखा गया है। उन्होंने स्वीकारा कि गंगा भागीरथी में मलबा उड़ेला जाना मानकों का सरासर उल्लंघन है।

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