छात्रा से सामूहिक दुष्कर्म के लिए रची खतरनाक साजिश

मेरठ: जिला अस्पताल में नर्सिंग की छात्रा से सामूहिक दुष्कर्म के लिए खतरनाक साजिश रची गई। ड्यूटी पर तैनात रहे डॉ. भूपेंद्र कुमार का कहना है कि उन्होंने साढ़े दस बजे के लगभग छात्रा को जरनल वार्ड में शिफ्ट करने के लिए कह दिया। इसके कागज भी तैयार कराए, लेकिन वार्ड ब्वाय ने छात्रा को शिफ्ट नहीं किया। छात्रा को अपने गांव की और रिश्ते का हवाला देकर शिफ्ट नहीं किया था। इमरजेंसी वार्ड में बड़ौत का एक मरीज और भर्ती किया, मरीज को सांस लेने में परेशानी थी। आरोपी यतेंद्र शर्मा और दिलशाद ने मरीज को भांप दिलाने के बहाने इमरजेंसी भेजा। पीड़ित की बहन चाय लेने चली गई। इसी बीच दोनों आरोपियों ने ग्लूकोज में नशीला इंजेक्शन दिया, इससे छात्रा बेहोश हो गई। फिर आरोपियों ने नशे की हालत में उससे सामूहिक दुष्कर्म किया।

आरोपी ने बेहोश करने का लगाया इंजेक्शन 
एसपी शैलेश कुमार पांडेय ने आरोपी वार्ड ब्वॉय व डी-फार्मा प्रशिक्षु से पूछताछ के बाद बताया कि आरोपियों ने पीड़िता को डायजापाम का इंजेक्शन दिया है। यह इंजेक्शन बेहोश करने के काम आता है।

तीन डॉक्टर दो दिन में करेंगे दुष्कर्म की जांच : सीएमओ
मुख्य चिकित्साधिकारी डॉ. सुषमा चंद्रा ने बताया कि जिला अस्पताल में सामूहिक दुष्कर्म केस की विभागीय जांच के लिए डॉक्टरों की तीन सदस्यीय टीम गठित की गई। दो दिन में जांच टीम रिपोर्ट देगी। दोनों आरोपियों के अलावा अगर ड्यूटी पर तैनात अन्य स्टाफ से भी कोई चूक हुई तो सख्त कार्रवाई होगी। इस संबंध में स्वास्थ्य निदेशक को अवगत करा दिया गया है।

सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र बागपत में पत्रकारों से बातचीत करते हुए सीएमओ ने कहा कि पीड़ित की तहरीर के बाद पुलिस ने सामूहिक दुष्कर्म का मुकदमा दर्ज किया है। स्वास्थ्य विभाग ने प्रकरण की जांच के लिए तीन सदस्यीय टीम गठित की है। इसमें एसीएमओ डॉ. जितेंद्र वर्मा, एसीएमओ डॉ. भुजवीर और महिला रोग विशेषज्ञ डॉ. अंजू बाला है। तीनों डॉक्टर दो दिन में पूरे प्रकरण की रिपोर्ट सीएमएस और सीएमओ को देंगे। इसके बाद यह रिपोर्ट स्वास्थ्य निदेशक को भेजी जाएगी। दोनों आरोपियों के अलावा अगर किसी तीसरे व्यक्ति की भूमिका मिलती है तो उसके खिलाफ भी सख्त कार्रवाई होगी।

आउट सोर्सिंग से नियुक्त किया था वार्ड ब्वाय 
आरोपी वार्ड ब्वाय यतेंद्र शर्मा आउट सोर्सिंग कंपनी अवनी परिधि के जरिये जिला अस्पताल में नौकरी कर रहा था। फार्मेसिस्ट दिलशाद एक कॉलेज का छात्र है और प्रशिक्षु के तौर पर यहां पर ड्यूटी कर रहा था। सीएमओ ने बताया कि दोनों को हटा दिया गया है। कॉलेज के अलावा आउट सोर्सिंग कंपनी को भी पत्र भेजकर प्रकरण की जानकारी दी गई है।

वार्ड ब्वाय बोला, उसे झूठा फंसाया गया
जीएनएम नर्सिंग की छात्रा से सामूहिक दुष्कर्म के मामले में पकड़े गए दोनों आरोपी एक-दूसरे पर आरोप-प्रत्यारोप लगाते नजर आए। आरोपी वार्ड ब्वाय ने साजिश के तहत फंसाने का आरोप लगाया है। आरोपी यतेंद्र शर्मा उर्फ भूरा ने बताया कि छात्रा रिश्ते में उसकी भतीजी लगती है। वह दो बच्चों का पिता है। सात साल से अस्पताल में कार्यरत है। छात्रा ने साजिश में उसे फंसाया है। यह भी आरोप लगाया कि डी-फार्मा प्रशिक्षु दिलशाद ने नशे का इंजेक्शन देकर छात्रा से रेप किया है। उसने आरोप लगाया कि इमरजेंसी में तैनात डॉक्टर सो रहे थे। वह चिकित्सक को तीन बार उठाने गया, लेकिन चिकित्सक नहीं आए। इस मामले में उसे झूठा फंसाया गया है। आरोपी दिलशाद ने बताया कि वार्ड ब्वॉय यतेंद्र शर्मा उर्फ भूरा व छात्रा के बीच काफी दिन से संपर्क था। यह भी कहा कि छात्रा बीमारी का बहाना बनाकर आठ माह में 15-16 बार अस्पताल में भर्ती हो चुकी है। रात्रि में दोनों को आपत्तिजनक स्थिति में देख लिया था। उसे झूठा फंसाया जा रहा है।

पुलिस के पहरे में पीड़िता, जिला अस्पताल में पीएसी तैनात
जिला अस्पताल के जनरल वार्ड में भर्ती दुष्कर्म पीड़िता पुलिस के पहरे में है। किसी को भी पीड़िता से मिलने की अनुमति नहीं है। एसपी ने अस्पताल में डेढ़ सेक्शन पीएसी तैनात कर दी है। घटना के बाद पुलिस ने अस्पताल में सर्च अभियान चलाकर इधर-उधर घूमने वाले युवकों की खबर ली। जिला अस्पताल के इमरजेंसी वार्ड में दुष्कर्म होने के बाद जीएनएम नर्सिंग की छात्रा को जरनल वार्ड में शिफ्ट कर दिया। छात्रा की सुरक्षा में महिला पुलिसकर्मी तैनात कीं।

वहीं दुष्कर्म की घटना के बाद पुलिस ने अस्पताल में अभियान चलाकर खाली पड़े कमरों की तलाशी ली। अस्पताल में इधर-उधर घूम रहे युवकों की खबर ली। पीड़ित छात्रा सहमी हुई है। वह अभी तक पूरी तरह होश में नहीं है। एसपी शैलेश कुमार पांडेय ने बताया कि पीड़ित को पूर्ण सुरक्षा दी है। स्वस्थ होने पर छात्रा के न्यायालय में बयान दर्ज कराए जाएंगे। प्रभारी सीएमएस डॉ. सुनील कुमार का कहना है कि पीड़िता को इमरजेंसी वार्ड से जनरल वार्ड में शिफ्ट किया गया, पुलिस से उसकी सुरक्षा की मांग की।

चादर और युवती के कपड़ों की होगी जांच 
पुलिस ने दुष्कर्म की घटना में आरोपियों के खिलाफ कई सबूत जुटाए है। मौके से बिस्तर की चादर, युवती के कपड़ों को कब्जे में लेकर जांच के लिए भेजा है। दुष्कर्म पीड़िता ने आरोपी वार्ड ब्वॉय यतेंद्र उर्फ भूरा निवासी गाधी और डी-फार्मा प्रशिक्षु दिलशाद निवासी तेड़ा के खिलाफ धारा 376डी, 328 आईपीसी, लैंगिक अपराधों से बालक का संरक्षण अधिनियम 2012 की धारा 3 व 4  के तहत मुकदमा दर्ज कराया है।

सर्टिफिकेट में 20 साल मिली उम्र 
दुष्कर्म पीड़िता ने दर्ज कराए गए मुकदमे में अपनी उम्र 16 साल बताई है। जबकि पुलिस ने स्कूल से इंटर का सर्टिफिकेट निकलवाया तो उसकी उम्र 20 साल मिली। सर्टिफिकेट में जन्म तिथि 11 जनवरी 1998 है। पुलिस का कहना है इसकी जांच की जा रही है। वहीं सीएमओ डॉ. सुषमा चंद्रा ने बताया कि जानकारी मिली है कि अस्पताल में पीड़िता पहले भी कई बार भर्ती रही है। इसकी जांच कराई जाएगी। वह कितनी बार अस्पताल में भर्ती हुई। अस्पताल के रिकॉर्ड की जांच कराई जा रही है।

अस्पताल में चौकी पर नहीं रहती पुलिस
जिला अस्पताल में सुरक्षा की दृष्टि से पुलिस चौकी का निर्माण कराया। रात्रि में दो होमगार्डों की ड्यूटी लगा दी जाती है। उन्हें वारदात के बारे में जानकारी नहीं मिलती। एसपी शैलेश कुमार पांडेय ने बताया कि चौकी पर पुलिस तैनात की जाएगी।

महिला मरीजों की जांच करते हैं वार्ड ब्वाय
जिला अस्पताल में महिला मरीज की जांच सिर्फ स्टाफ नर्स ही कर सकती है। इसके अलावा पुरुष चिकित्सक महिला मरीज का इलाज नहीं कर सकता। स्टाफ नर्स की मौजूदगी में चिकित्सक द्वारा महिला की जांच की जा सकती है। जिला अस्पताल में स्टाफ नर्स के 16 पद है, लेकिन एक ही स्टाफ नर्स कार्यरत है। दस स्टाफ नर्स ठेकेदारी पर रखी गई है। पांच पद अभी भी खाली है। रात्रि में स्टाफ नर्स ड्यूटी नहीं करती। महिला स्वास्थ्य कर्मचारियों के भरोसे मरीजों को छोड़ दिया जाता है।

जरूरत पड़ी तो अंधे साबित हुए सीसीटीवी कैमरे
जिला अस्पताल में तीन साल पहले सीसीटीवी कैमरे लगवाए गए थे। कुछ दिन तक कैमरे चालू रहे, लेकिन इसके बाद असामाजिक तत्वों ने कैमरे तोड़ दिए। इमरजेंसी के बाहर लगाए कैमरे हैं। अस्पताल में कोई वारदात हो जाए तो कैमरे साथ नहीं देंगे। सीसीटीवी कैमरे के कमरे में ताला लटका रहता है। एएसपी राजेश कुमार श्रीवास्तव ने बताया कि सीसीटीवी कैमरे बहुत जरूरी है। उन्होंने पुलिस को निर्देश दिए कि जिला अस्पताल प्रशासन को नोटिस भेजकर सीसीटीवी कैमरों के बारे में जानकारी ले। प्रभारी सीएमएस डॉ. सुनील कुमार ने बताया कि कुछ कैमरे चालू है। अस्पताल के बाहर कैमरे खराब है। उन्हें जल्दी ही ठीक करा दिया जाएगा।

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