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ISIS से जंग में मारे जा रहे हैं बेकसूर

दमिश्क: सीरिया के रक्का शहर में कुर्दिश लड़ाकों और अमेरिकी गठबंधन सेना का इस्लामिक स्टेट (ISIS) के खिलाफ सैन्य अभियान जारी है। इस अभियान में बड़ी तादाद में आम नागरिक भी मारे जा रहे हैं। संयुक्त राष्ट्र (UN) के एक आयोग द्वारा जारी आंकड़ों के मुताबिक, अब तक यहां 300 से भी ज्यादा निर्दोष नागरिक मारे जा चुके हैं। साथ ही, डेढ़ लाख से ज्यादा लोगों को अपना घर-बार छोड़ना पड़ा है। मालूम हो कि सीरिया में कई इलाकों पर ISIS का नियंत्रण है। एक ओर तो SDF और अमेरिकी गठबंधन इन इलाकों से ISIS को बाहर निकालने की लड़ाई लड़ रही है और वहीं दूसरी तरफ सीरिया में पिछले 6 सालों से गृह युद्ध भी चल रहा है। रूस, तुर्की और ईरान जहां राष्ट्रपति बशर अल-असद को सैन्य मदद दे रहे हैं, वहीं अमेरिका असद सरकार के खिलाफ है। सीरिया में एकसाथ इन दोनों मोर्चों पर जंग चल रही है।

पिछले हफ्ते सीरियन डेमोक्रैटिक फोर्सेस (SDF) ने रक्का में ISIS के खिलाफ सैन्य कार्रवाई शुरू की। इस सेना में सबसे ज्यादा संख्या स्थानीय कुर्दिश लड़ाकों की है। अमेरिका न केवल SDF को हथियार सप्लाइ कर रहा है, बल्कि हवाई बमबारी के जरिये उनकी मदद भी कर रहा है। इस पूरे घटनाक्रम में सबसे ज्यादा आम लोग प्रभावित हो रहे हैं। सीरिया में चल रहे संघर्ष की जांच कर रहे UN आयोग के अध्यक्ष पाउलो सरगियो ने बुधवार को बताया, ‘हवाई हमले और तेज होने के कारण बड़ी संख्या में आम नागरिक मारे जा रहे हैं। इस हवाई बमबारी की मदद से SDF रक्का में और आगे बढ़ने में कामयाब हुई है। यह सैन्य संघर्ष बड़ी संख्या में आम लोगों की जान ले रहा है। इतना ही नहीं, डेढ़ लाख से भी ज्यादा लोग बेघर हो गए हैं।’

 UN ने फिलहाल असैनिक हताहतों की संख्या से जुड़े आंकड़े नहीं दिए हैं, लेकिन इसी आयोग की एक सदस्य केरन कोनिंग ने बताया कि अब तक रक्का में हवाई बमबारी से 300 लोगों के मारे जाने की पुष्टि हो चुकी है। केरन ने बताया, ‘हम फिलहाल केवल हवाई बमबारी से मारे जाने वाले आम लोगों की गिनती कर पा रहे हैं। हमारे पास 300 लोगों की मौत का आंकड़ा है। इनमें से 200 मौतें तो केवल अल-मनसोरा नाम के एक गांव में ही हुई हैं।’ सीरिया में अमेरिका की जो वायुसेना तैनात है, उसे सुरक्षा परिषद की मंजूरी नहीं मिली है। न ही सीरिया की सरकार ने अमेरिका से कोई सैन्य मदद मांगी है। अमेरिका ने पिछले कुछ हफ्तों के दौरान राष्ट्रपति बशर अल-असद की सेना पर भी हमले किए हैं। पेंटागन का दावा है कि SDF की हिफाजत के लिए ये हमले जरूरी थे।

ह्यूमन राइट्स वॉच (HRW) ने भी बुधवार को रक्का में मारे जा रहे आम लोगों की बढ़ती संख्या पर चिंता जताई। संगठन ने अमेरिकी सेना की आलोचना भी की। HRW के मुताबिक, अमेरिकी सेना सफेद फॉस्फरस से बनी युद्ध सामग्री का इस्तेमाल कर रही है। HRW का आरोप है कि इन रसायनों के कारण लोग गंभीर रूप से जख्मी हो सकते हैं। साथ ही, इन रसायनों के कारण रिहायशी इलाकों में आग भी लग सकती है। UN आयोग ने असद सरकार की भी निंदा की। आयोग के मुताबिक, कई बार लोगों के पास जान बचाने के लिए अपना घर-बार छोड़ने के अलावा और कोई विकल्प नहीं होता, लेकिन जब वे अपना इलाका छोड़कर दूसरी जगह जाते हैं तब सरकार इसे युद्ध अपराध बताती है।

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