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भारत से युद्ध के लिए तैयार है चीन!

एनटीआई न्यूज़ ब्यूरो.

भारत और चीन के बीच सिक्किम क्षेत्र में सीमा विवाद के मुद्दे पर तनातनी कम होने का नाम नहीं ले रही है. डोकलाम में सीमा पर चल रहे तनाव का असर दोनों देशों के संबंधों पर दिख रहा है. इस तनाव को पाकिस्तानी मीडिया ने और हवा देने की कोशिश की. पाकिस्तानी मीडिया ने कहा कि सिक्किम से लगी सीमा पर चीनी सेना ने 158 भारतीय सैनिकों को मार गिराया है. हालांकि चीन के आधिकारिक मीडिया ने इसका खंडन किया है.

डोकलाम में पिछले लगभग 1 महीने से भारत के साढ़े तीन सौ से अधिक जवान एक मानव श्रृंखला बना कर चीन के सैनिकों का सामना कर रहे हैं. नाथुला दर्रे से 15 किमी की दूरी पर दोनों सेनाएं 500 मीटर पर जमी हुई हैं. 6 जून से भारत, भूटान और सिक्किम के तीन बिंदु स्थल (चिकननेक) पर तनाव बरकरार है. भारतीय सेना चीन से लगती सीमा के पास डोकलाम इलाके में लंबे समय तक बने रहने की तैयारी कर चुकी है. जबकि चीन वहां से भारतीय सैनिकों को वापस बुलाने की मांग कर रहा है.  हालांकि भारत मामले का हल निकालने के लिए सभी विकल्प खुले रखे हुए है. लेकिन चीन के तेवर युद्ध की आशंका बढ़ाने वाले हैं.

सूत्रों के मुताबिक बॉर्डर पर भारतीय सेना ने ड्रोन से देखा है कि चीन ने सीमा से कुछ ही दूरी पर 3000 से ज्यादा हथियारबंद सैनिक खड़े किए हुए हैं. वहीं भारत ने भी इसके जवाब में पुख्ता तैयारी की है और अपने सैनिक भी तैनात किए हैं. समुद्र तल से लगभग 4500 मीटर ऊंचे इस दुर्गम इलाके में हवा में ऑक्सीजन का लेवल बहुत कम होने से मानव श्रृंखला में तैनात जवानों को हर दो घंटे में बदला जा रहा है.

डोकलाम इलाके पर नज़रें गड़ाए बैठा चीन अगर इस इलाके में अपनी पैठ मजबूत कर लेता है, तो पूर्वोत्तर राज्यों के लिहाज से यह भारत के लिए काफी मुश्किल साबित होगा. यही वजह है कि सिक्किम के बाद अब बंगाल ने भी यह कहना शुरू कर दिया है कि चीन उनके इलाके में दखल दे रहा है. मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने सीमावर्ती क्षेत्रों में चीन की गतिविधियां बढ़ने की बात कहते हुए केंद्रीय गृहमंत्री राजनाथ सिंह को पत्र लिखा है जिसमें कहा गया है कि दार्जिलिंग में गोरखालैंड की मांग को लेकर चल रहे हिंसक आंदोलन के पीछे भी चीन की ही अति सक्रियता है.

उधर चीन की मीडिया की ओर से आए ताजा बयान के बाद लग रहा है कि सिक्किम तनाव को लेकर चीन युद्ध की तैयारी कर रहा है. चीन के सरकारी अखबार ग्‍लोबल टाइम्‍स ने एक आर्टिकल में कहा है, ‘हम युद्ध से नहीं डरते हैं और किसी भी तरह की उग्रता के बाद भारत को सभी मोर्चों पर नतीजे भुगतने होंगे.’ ग्‍लोबल टाइम्‍स को चीन की सरकार का मुखपत्र माना जाता है. ग्लोबल टाइम्स ने ये भी लिखा है, ‘चीन को भविष्‍य में होने वाले संघर्षों के लिए तैयार रहना होगा. चीन लाइन ऑफ एक्‍चुअल कंट्रोल (एलएसी) पर और भी कड़े कदम उठा सकता है, अगर भारत ने कई जगहों पर संघर्ष को आगे बढ़ाया तो फिर चीन के साथ पूरी एलएसी पर इसके नतीजे भुगतने होंगे.’

इस आर्टिकल में चीन से एलएसी पर सीमा निर्माण को जारी रखने और सैनिकों की तैनाती को तेज करने के साथ ही डोकलाम में निर्माण कार्य को जारी रखने के लिए भी कहा गया है. आर्टिकल में चेतावनी दी गई है कि चीन, भारत के साथ किसी भी तरह के सैन्‍य टकराव को नहीं चाहता है लेकिन अगर देश की संप्रभुता के लिए युद्ध की जरूरत पड़ी तो यह उससे भी पीछे नहीं हटेगा. इसके साथ ही चीन खुद को लंबे संघर्ष के लिए भी तैयार कर लेगा. जाहिर है कि यह टिप्‍पणी 16 जून से जारी तनाव को और आगे बढ़ाने वाली है. इससे पहले चीनी मीडिया की ओर से तिब्‍बत क्षेत्र में सेना के युद्धभ्‍यास के कई वीडियो जारी किए गए थे जिनमें एंटी-एयरक्राफ्ट गन जैसे हथियार प्रयोग हुए थे. ग्‍लोबल टाइम्‍स ने कहा है कि इस बार भारत का रवैया चीन की संप्रभुता को चुनौती देने वाला है और चीन को लंबे समय तक चलने वाले टकराव के लिए तैयार रहना होगा. इस आर्टिकल में दोनों पक्षों से संयम बरतने को भी कहा गया है ताकि वर्तमान हालात नियंत्रण से बाहर न होने पाएं.

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