पूर्व CM हुड्डा पर जमीन घोटाले में चार्जशीट दाखिल

चंडीगढ़ : हरियाणा के पूर्व मुख्यमंत्री भूपेंद्र सिंह हुड्डा पर संकट के बादल मंडरा रहे हैं। सीबीआई ने शुक्रवार को मानेसर जमीन घोटाले में हुड्डा और पांच अन्य लोगों के खिलाफ चार्जशीट दाखिल कर दी। सीबीआई दस्तावेजों से भरी 2 अलमारी लेकर पंचकूला की विशेष सीबीआई अदालत पहुंची। चार्जशीट करीब 80 हजार पेज की बताई जा रही है।

चार्जशीट में कुछ बिल्डरों और दूसरे अन्य लोगों के नामों का भी उल्लेख है। इस त रह हुड्डा के साथ-साथ दूसरे उन लोगों की मुश्किलें भी बढ़ गई हैं जिनके नाम चार्जशीट में शामिल किए गए हैं। चार्जशीट में पूर्व आईएएस अधिकारियों एमएल तायल, छतर सिंह, एसएस ढिल्लों, पूर्व डीटीपी जसवंत सहित कई बिल्डरों के नाम भी लिए गए हैं। गौरतलब है कि मानेसर जमीन घोटाले पर सुप्रीम कोर्ट ने भी पिछले साल 12 अप्रेल को अपना फैसला रिजर्व रखा हुआ है। सुप्रीम कोर्ट ने उस दिन सीबीआई को जांच रिपोर्ट जमा करवाने के लिए चार महीने का टाइम दिया था और साथ ही हरियाणा सरकार को भी कहा गया था कि वह एक हफ्ते के भीतर ढींगरा कमीशन की रिपोर्ट अदालत में सौंप दे। अब इसी दौरान सीबीआई ने इसी मामले में पंचकूला की विशेष सीबीआई अदालत के विशेष जज कपिल राठी की अदालत में मानेसर घोटाले मामले में चार्जशीट फाइल कर दी है।

क्या था मामला?
पिछली हुड्डा सरकार पर अपने कार्यकाल के दौरान करीब 900 एकड़ जमीन का अधिग्रहण कर उसे बिल्डरों को कौड़ियों के भाव बेचने का आरोप है। इस पूरे मामले में करीब 1500 करोड़ रुपये के घोटाले + का आरोप है। यह जमीन तीन गांवों की है। गांव के किसानों ने मामले में गुड़गांव के मानेसर पुलिस थाने में केस दर्ज करवाया था। इस पर बीजेपी सरकार ने 17 सितंबर 2015 को मामला सीबीआई के सुपुर्द कर दिया। सीबीआई ने अपनी पड़ताल के बीच जमीन अधिग्रहण में कथित अनियमितता को लेकर प्रिवेंशन ऑफ करप्शन ऐक्ट 1988 की धारा 420, 465, 467, 468, 471 और 120 बी के तहत मामला दर्ज किया।

आरोप है कि पूरे मामले में हरियाणा सरकार के अधिकारियों और बिल्डरों के बीच साठगांठ थी। दरअसल, पिछली सरकार ने आईएमटी मानेसर की स्थापना के लिए 900 एकड़ जमीन का अधिग्रहण करने के लिए मानेसर, नौरंगपुर और लखनौला के ग्रामीणों को सेक्शन 4, 6 और 9 के नोटिस थमा दिए थे। इसके बाद प्राइवेट बिल्डरों ने किसानों को अधिग्रहण का डर दिखाकर जमीनों के सौदे किए और जमीनों को कौड़ियों के भाव खरीद लिया। इसी दौरान डायरेक्टर इंडस्ट्रीज ने 24 अगस्त 2007 को सरकारी नियमों की अवहेलना करते हुए बिल्डर द्वारा खरीदी गई जमीन को अधिग्रहण प्रोसेस से रिलीज कर दिया।

सीबीआई ने की थी बड़े पैमाने पर छापेमारी
हरियाणा सरकार से जैसे ही सीबीआई को यह मामला जांच के लिए मिला तो उसने तेजी से कार्रवाई करते हुए पूर्व मुख्यमंत्री हुड्डा और उनके कार्यकाल के दौरान मामले से जुड़े अफसरों पर शिकंजा कसना शुरू कर दिया था। इसी कड़ी में चंडीगढ़ में हुड्डा के एमएलए फ्लैट, रोहतक में उनके घर समेत करीब 24 ठिकानों पर छापेमारी की थी। इस दौरान कई दस्तावेज भी इकट्ठे किए गए थे।

चार्जशीट में दम नहीं, सारा खेल हुड्डा को फंसाने की साजिश-कुलदीप शर्मा
हरियाणा कांग्रेस के वरिष्ठ विधायक व पूर्व मुख्यमंत्री भूपेंद्र सिंह हुड्डा के विश्वस्थ कुलदीप शर्मा ने सीबीआई द्वारा कोर्ट में चार्जशीट सौंपे जाने पर अपनी टिप्पणी में कहा कि हरियाणा सरकार लंबे समय से जमीन से जुड़े लोकप्रिय नेता भूपेंद्र सिंह हुड्डा को फंसाने की साजिश रच रही थी और सीबीआई को एक हथियार के रूप में इस्तेमाल किया। उन्होंने कहा कि वे पेशे से वकील हैं और इस चार्जशीट में कोई दम नहीं है।

गर्म होगी सियासत
हुड्डा के खिलाफ चार्जशीट ठीक उस समय दाखिल हुई है जब प्रदेश धीरे-धीरे चुनावी माहौल में रम रहा है। हुड्डा पहले ही प्रदेशभर में रथयात्रा निकालने का ऐलान कर चुके हैं और पिछले काफी समय से अपनी किसान व मजदूर पंचायतों, व्यापारियों के साथ बैठकों आदि में सक्रिय हैं। अब वह निश्चित तौर पर इसका सियासी फायदा उठाने का प्रयास करेंगे। हुड्डा शुरुआत से राज्य की बीजेपी सरकार के खिलाफ मुखर अंदाज अपनाए हुए हैं और उनके साथ पार्टी विधायकों की अच्छी खासी फौज है जबकि पार्टी हाईकमान भी उनके संकट में घिरे होने के दौरान अलग-अलग तरीकों से मदद को आगे आता दिखाई देते रहा है।

 

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