OPINION

असम शरणार्थियों के सामने नागरिकता का संकट

 असम में शरणार्थियों की बीहड़ समस्या को सुलझाने के लिए पिछले तीन सालों से सुप्रीम कोर्ट की निगरानी में नया राष्ट्रीय नागरिक रजिस्टर (एनसीआर) बनाने की तैयारी चल रही थी. इससे पहले वाला सन 1951 में बना था. इस प्रक्रिया के सहारे ही असम के मूल नागरिकों की पहचान की जानी है. वर्ष 2017 के अंतिम दिन एनसीआर का पहला ...

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आसान नहीं TV मेंआर्थिक मुद्दों की प्रोग्रामिंग

राजनीतिक मामले हो या फिर आर्थिक अथवा सामाजिक मुद्दा, किसी भी टीवी प्रोग्राम के लिए विषयवस्तु अलग अलग हो सकती है लेकिन उसका व्याकरण कमोबेश एक सा होता है… किसी भी टीवी प्रोग्रामिंग के कान्सेप्ट पर निर्भर करता है कि आप कैसे उसको अमली जामा पहनाने के लिए आगे बढ़ते हैं। आजकल लाइव प्रोग्राम या तो किसी विषय पर चर्चा ...

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देश में विस्थापित, व्यथित और वंचित -कश्मीरी हिंदू

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27 साल पहले 1990 में हुई त्रासदी में आज ही के दिन 3.5 लाख कश्मीरी पंडितों को डर के मारे रातों-रात कश्मीर छोड़ कर भागना पड़ा था। आप भी पढ़ें अपने ही देश में विस्थापित जीवन जीने को अभिशप्त कश्मीरी पंडितों पर एक विस्तृत रिपोर्ट… ये राष्ट्रीय अल्पसंख्यक आयोग, ये सेक्युलरवाद का इकतारा बजाने वाले, ये तथाकथित मानवाधिकारवादी संगठन आज ...

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युवा को सिर्फ विद्रोही नहीं विकल्प भी बनना होगा

हर साल की तरह इस साल भी युवा दिवस आया और बीत गया। विवेकानंद फिर से याद किए गए, उनकी मूर्तियों पर फूल-माला चढ़ाई गई। राजनीतिक दलों ने अपने-अपने हिसाब से उनके व्यक्तित्व का बखान किया और उन्हें श्रद्धांजलि दी। हिंदूवादी आमतौर पर उन्हें गेरुआ वस्त्र पहने हिंदू सन्यासी के फ्रेम में देखते हैं, जबकि वामपंथियों के लिए विवेकानंद कोई ...

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चार जजों ने जो चिट्ठी मुख्य न्यायाधीश को लिखी

प्रिय मुख्य न्यायाधीश जी, बड़ी नाराज़गी और दुख के साथ हमने सोचा कि यह चिठ्ठी आपके नाम लिखी जाए ताकि इस अदालत से जारी किए गए कुछ आदेशों को चिंहित किया जा सके, जिन्होंने न्याय देने की पूरी कार्यप्रणाली और उच्च न्यायालयों की स्वतंत्रता के साथ-साथ भारत के सर्वोच्च न्यायालय के काम करने के तौर-तरीक़ों को बुरी तरह प्रभावित करके ...

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पॉर्न ‘बैन’ तो हुआ पर देश ‘पॉर्न मुक्त’ नहीं

बंद करो… बंद करो…’ हुआ पुराना। नया नारा है, ‘बैन करो… बैन करो’। क्योंकि बैन करने से ही हालात सुधरेंगे। और पॉर्न बैन कर दिया तो देश में महिलाओं के साथ हो रहे सारे अत्याचार खत्म हो जाएंगे। भले ही हमने दुनिया को कामसूत्र और खजुराहो दिया हो पर समाज को ‘नई’ या ‘सही’ दिशा दिखाने का ठेका तो संस्कृति ...

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पब्लिक के दम से द्वारका में लौटी प्रकृति

लोगों की कोशिश से दम तोड़ रहे एक पारंपरिक जोहड़ (तालाब) में फिर जीवन का संचार हुआ है। ‘नया जोहड़’ नाम से पहचान पाने वाली इस वॉटर बॉडी में अब 50 से ज्यादा प्रजातियों के पक्षी घूमते हुए देखे जा सकते हैं। यह वॉटर बॉडी द्वारका के सेक्टर-23 में मौजूद है। कुछ साल पहले तक यह तालाब लगभग खत्म होता ...

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भारत में रोज 19 करोड़ लोग भूखे रहने को मजबूर

देश ने भले ही मंगल ग्रह तक पहुंच बना ली हो लेकिन अब भी भारत की बड़ी आबादी को भूखा सोना पड़ता है। ऐसा बिल्कुल नहीं है कि भारत में कम अनाज पैदा होता है, बल्कि यह जरूरतमंदों तक पहुंच ही नहीं पाता। युनाइटेड नेशन की फूड एंड एग्रिकल्चर ऑर्गेनाइजेशन (FAO) ने इससे जुड़ी एक रिपोर्ट जारी की है। रिपोर्ट ...

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लूटतंत्र के भंवर में घोटालो की जाँच

(मोहन भुलानी, न्यूज़ ट्रस्ट ऑफ़ इंडिया ) देश में लूटतंत्र का जाल इस कदर फैल गया कि देश का विकास आगे जाने के बजाय पीछे चल रहा है, कारण वही घोटालों का जांच करने में सिस्टम का व्यस्त रहना, जिस प्रकार से देश के अंदर घोटालों का दौर शुरू हुआ इसमें हमारी जांच एजेंसियों सहित न्याय का मंदिर भी न्याय ...

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क्या भ्रष्टाचार और सजा की भी जाति होती है?

क्या ‘निचली’ जातियों और समूहूों के नेता ज्यादा भ्रष्ट होते हैं? यह सवाल तब भी उठा था जब एक मुकदमे में लालू यादव के खिलाफ फैसला आया था. क्या भ्रष्टाचार और अपराध का जाति अथवा संप्रदाय से कोई संबंध होता है? क्या जातियों के क्रम में जो जितना नीचे होता है उतना ही भ्रष्टाचार के मामले से उसके जुड़ने (अथवा ...

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