OPINION

जलवायु परिवर्तन पर IPCC की रिपोर्ट हुई लीक

संयुक्त राष्ट्र: जलवायु परिवर्तन पर संयुक्त राष्ट्र की संस्था आईपीसीसी यानी इंटरगर्वमेंटल पैनल ऑफ क्लाइमेट चेंज की ताज़ा रिपोर्ट लीक हो गई है. रिपोर्ट में चेतावनी दी गई है कि 2040 तक दुनिया का तापमान 1.5 डिग्री तक बढ़ जायेगा. इसके भयानक परिणाम हो सकते हैं. इसे रोकने के लिये सभी देशों को ग्रीन हाउस गैसों और कार्बन इमीशन को कम करना ...

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किस-किस खतरे का सामना करते हैं शुजात जैसे पत्रकार

नृशंस तरीके से गोलियों से भून दिए जाने से पहले ट्विटर पर पोस्ट किए अपने संदेशों में से एक में शुजात बुखारी ने लिखा, “कश्मीर में, हमने फख्र के साथ पत्रकारिता की है, और हम ज़मीनी हकीकत को सामने लाना जारी रखेंगे…” यह थे शुजात, जो देश में लगातार बढ़ते उस ध्रुवीकृत प्रलाप से खीझे हुए थे, जो हम सभी पर, खासतौर ...

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काला फिल्म – रजनीकांत कल्ट की तमिल फिल्म

जिस दौर में किसी रोहित वेमुला को हैदराबाद विश्वविद्यालय में आत्महत्या करनी पड़े, जिस दौर में उत्साही गोरक्षकों का हुजूम कहीं अल्पसंख्यकों को निशाना बनाता हो और कभी दलितों की पीठ उधेड़ता हो, जिस दौर में दलित प्रतिरोध तरह-तरह की शक्लें अख़्तियार कर रहा हो, उस दौर में कोई कारोबारी फिल्म ऐसी भी बन सकती है जैसी ‘काला’ है. नहीं, ...

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किम जोंग की ताकत और डोनाल्ड ट्रंप की सियासत

क्या किम जोंग उन ने ऐटमी परीक्षण न किए होते, तो डोनाल्ड ट्रंप उन्हें इतनी इज़्ज़त बख़्शते कि उनसे सिंगापुर जाकर मुलाकात करते…? अपने विरोधियों से अमेरिका इतने नेक व्यवहार के लिए नहीं जाना जाता. लीबिया के कर्नल गद्दाफ़ी ने अमेरिका पर भरोसा कर ऐटमी परीक्षण पर काम बंद कर दिया था. इसके बाद कर्नल गद्दाफ़ी का क्या हाल हुआ, ...

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13 राज्यों में ‘एक साल, एक चुनाव

प्रधानमंत्री मोदी का ‘एक देश एक चुनाव’ का विजन सफल नहीं होने पर उसको ‘एक साल एक चुनाव’में बदलने की तैयारी है. विधि आयोग ने इस बारे में 17 अप्रैल 2018 को पब्लिक नोटिस जारी करके सभी पक्षों से राय मांगी थी. विधि आयोग द्वारा 24 अप्रैल को लिखे पत्र के जवाब में चुनाव आयोग के पूर्व विधि सलाहकार एसके ...

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रश्म अदायगी तक सीमित हुआ हिंदी पत्रकारिता दिवस

हर साल आज का दिन हमें हिंदी पत्रकारिता पर बात करने के लिए मिलता है. दशकों से इस दिन आमतौर पर हिंदी पत्रकारिता की दिशा और दशा पर चिंता जताते हुए आयोजन होते हुए दिखते हैं. कभी कभी हिंदी पत्रकारिता के गुणगान के आयोजन भी हो जाते हैं. इस बार भी कई जगह हो रहे होंगे. लेकिन उन आयोजनों मे ...

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सबका साथ’ क्यों नहीं मिल पा रहा बीजेपी को?

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का ‘सबका साथ सबका विकास’ का नारा यदि यह संकेत देने की कोशिश थी कि वे और उनकी पार्टी किसी ख़ास जाति या वर्ग के हित के बजाय सभी वर्गों और संप्रदायों के हित में काम कर रही है तो कर्नाटक विधानसभा चुनाव के परिणाम के बाद आए ताजे उपचुनावों के परिणाम दर्शाते हैं कि इस नारे ...

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चमचमाते शहर की बेड़ियां, आंगन वीरान और गांव खाली हैं…

शहर हमें अपनी जड़ों से काट देता है. मोहपाश में जकड़ लेता है. मेरे पांव में चमचमाते शहर की बेड़ियां हैं. आंगन विरान पड़ा है. वो आंगन जिसमें पग-पैजनिया थिरकती थीं. जिसकी धूल-मिट्टी बदन पर लिपटी रहती थी. जहां ओखली थी. बड़े-बड़े पत्थर पुरखों का इतिहास बयां करते थे. किवाड़ की दो पाटें खुली रहती थीं. गेरुए रंग पर सफेद ...

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भारत की खाद्य सुरक्षा नीति पर अमेरिका का रणनीतिक हमला

आखिर खाद्य सुरक्षा और खेती-किसान की बेहतरी के लिए और परिस्थितियों के अनुरूप बनायी गई भारत की कृषि-खाद्य सुरक्षा नीतियों पर अमेरिका ने हमला शुरू कर दिया है. अब तक वह दबाव बना रहा था कि भारत को खाद्य सुरक्षा-कृषि सब्सिडी आवंटन को कुल कृषि उत्पाद मूल्य के 10 प्रतिशत के समतुल्य रखने के प्रस्ताव को मान लेना चाहिए. भारत ...

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पलायन से उत्तराखंड की लोकसंस्कृति खात्मे के कग़ार पर

पृथक उत्तराखंड राज्य निर्माण हेतु एक पीढ़ी ने अपना सर्वस्व गंवा दिया था अनेक नौजवानों ने  स्वर्णिम उत्तराखण्ड का सपना लेकर कुर्बानियां दी थी। विडंबना यह है कि राज्य निर्माण के पश्चात उत्तराखण्ड का विकास भी हुआ तो सिर्फ सपनों में, जिसका सबूत उत्तराखण्ड में जारी पलायन के आंकड़े देते हैं। आज राज्य में 1000 से भी अधिक गांव घोस्ट विलेज (भूतहा गांव) ...

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