Templates by BIGtheme NET

OPINION

विकास सिर्फ औद्योगिक घरानों को लाभ पहुंचने तक सीमित

आज भारत विकसित देशों के विकास संबंधी मानकों को अपना तो रहा है, पर यह विकास सिर्फ औद्योगिक घरानों को लाभ पहुंचने तक सीमित रह गया है। सबसे ज्यादा मार खेती-किसानी पर पड़ी है, जहां तकनीक के महंगे होने की वजह से किसान कई समस्याओं से दो-चार हो रहे हैं। इसका असर आम जनमानस पर भी पड़ने लगा है। सरकार ...

Read More »

दिल्ली की आबोहवा में प्रदूषण से आपातकाल जैसे हालात

(मोहन भुलानी, न्यूज़ ट्रस्ट ऑफ़ इंडिया ) दिल्ली, हरियाणा और पंजाब में आजकल जहरीले धुएं के आतंक ने सबको चिंतित कर दिया है। दिल्ली की आबोहवा में प्रदूषण इस कदर बढ़ चुका है कि यहां आपातकाल जैसे हालात पैदा हो गए हैं। ऐसे में, स्कूलों को बंद करना लाजिमी था। मगर सवाल यह है कि आखिर कब तक ऐसा चलता ...

Read More »

नोटबंदी का एक साल -रह गए वो 10 सवाल

नोटबंदी का एक साल हो गए। पिछले साल आज के ही दिन प्रधानमंत्री मोदी के इस फैसले से पूरे देश में अफरा-तफरी सा माहौल हो गया। सरकार ने इस फैसले को ऐतिहासिक बताया और जनता के हितकारी बताया गया। ऐसा कहा गया कि इस फैसले से कालेधन पर लगाम लगेगी और देश भ्रष्टाचारमुक्त होगा। इस फैसले को एक साह हो ...

Read More »

भारतीय राजनीति में टोना-टोटका और जादू-मंतर

राजनीति में ज्योतिष, पूजा-पाठ, तंत्र-मंत्र को लेकर लालू प्रसाद यादव के ताजा प्रकरण पर कुछ कहने-बताने से पहले आइए, एक ज्योतिषी के अभिमत से परिचित हो लेते हैं। वह बताता है- ‘चुनाव जीतने के तीन बल हैं। अपनी कुन्डली को खोल कर देखिये कि यह तीनों बल आपके किस किस भाव में अपनी शोभा बढ़ा रहे हैं, और यह तीनो ...

Read More »

FIR के तुरंत बाद कितनी सही हैं गिरफ्तारी ?

राष्ट्रीय पुलिस आयोग का कहना भी है कि देश में 60 फीसदी गिरफ्तारियां अनावश्यक होती हैं जिन पर जेलों का 43.2 प्रतिशत खर्चा होता है। न्यायालय, पुलिस और लोक अभियोजक आपराधिक न्याय प्रक्रिया के आधार स्तम्भ माने जाते हैं। पुलिस अपराधिक मामले में तथ्यान्वेषण तथा साक्ष्य एकत्र करती है और लोक अभियोजक उसे प्रस्तुत कर अभियुक्त को दण्डित करवाने में ...

Read More »

न्याय देवता के दरबार में क्यों लंबित हैं 3 करोड़ मुकदमें !

राष्ट्रीय अदालत प्रबन्धन की हालिया रिपोर्ट के मुताबिक बीते तीन दशकों में मुकदमों की संख्या दोगुनी रफ्तार से बढ़ी है। अगर यही स्थिति बनी रही तो अगले तीस वर्षों में देश के विभिन्न अदालतों में लंबित मुकदमों की संख्या करीब पंद्रह करोड़ तक पहुंच जाएगी। इस मामले में विधि एवं न्याय मन्त्रालय के आंकड़े भी चौंकाने वाले हैं। रिपोर्ट के ...

Read More »

भुखमरी एवं कुपोषण के चक्रव्यूह में है भारत!

दुनिया में बाल कुपोषण की सर्वोच्च दरों वाले देशों में से एक है भारत। भारत ने पिछले कुछ वर्षों में दुनिया के पोषण संबंधी मामलों में काफी कुख्याति हासिल की है। राष्ट्रीय परिवार स्वास्थ्य सर्वेक्षण (एनएफएचएस) के नवीनतम आंकड़े दिखाते हैं कि यद्यपि भारत ने पिछले दशक में बाल कुपोषण के खिलाफ अपनी लड़ाई में उल्लेखनीय प्रगति की है फिर ...

Read More »

पराली की समस्या का समाधान निकालने की जरुरत

news trust of india parali burning

पराली की समस्या का समाधान निकालने के लिए प्रदेश से लेकर पंचायत स्तर तक ठोस पहल की जरूरत है। इसके लिए सरकार की नीति और नीयत साफ होनी चाहिए। पंजाब के खेतों में पराली जलना बदस्तूर जारी है। अब पराली की यह समस्या सिर्फ पंजाब की न रहकर राष्ट्रीय स्तर की बन गई है। पराली पंजाब में जलती है और ...

Read More »

राजधानी में आम आदमी के मन में भय क्यों ?

news trust of india crime capital

देश की राजधानी में बदमाशों के हौसले इस कदर बुलंद हैं कि आम आदमी के मन में भय पैदा होने लगा है। बदमाश दिनदहाड़े वारदात को अंजाम देते हैं और पुलिस उन्हें पकड़ भी नहीं पाती। सड़कों पर हत्या, हत्या के प्रयास और लूटपाट की घटनाएं तो आए दिन हो ही रही हैं, झपटमारी की वारदात भी दिल्ली के हर ...

Read More »

UP में औरतों की अस्मत फिर बदमाशों के निशाने पर

उत्तर प्रदेश में औरत की अस्मत फिर बदमाशों के निशाने पर है। बिगड़े हालातों का आलम तो यह है कि कभी सरकारी अस्पताल में ही महिला मरीज के साथ रेप हो जाता है तो कभी कोर्ट परिसर ही दुराचार पीड़िता पर हमले का गवाह बनता है… उत्तर प्रदेश में औरत की अस्मत फिर बदमाशों के निशाने पर है। बिगड़े हालातों ...

Read More »
error: Content is protected !!

ăn dặm kiểu NhậtResponsive WordPress Themenhà cấp 4 nông thônthời trang trẻ emgiày cao gótshop giày nữdownload wordpress pluginsmẫu biệt thự đẹpepichouseáo sơ mi nữhouse beautiful