OPINION

मुज़फ़्फ़रनगर दंगे के 1531 अभियुक्तों में से 800 की गिरफ्तारी क्यों नहीं ?

उत्तर प्रदेश के मुज़फ़्फ़रनगर एवं उसके आसपास के क्षेत्रों में हुए दंगों में लूट, आगजनी और बलात्कार के 567 मामले दर्ज किए गए थे. 1531 अभियुक्तों के विरूद्ध आरोप सिद्ध हुए, 581 लोगों की गिरफ़्तारी हुई, 130 लोगों ने न्यायालय के समक्ष आत्मसमर्पण किया, लेकिन क़रीब 800 अभियुक्तों को अभी भी गिरफ़्तार नहीं किया जा सका है. सूचना के अधिकार ...

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क्या चीन के मामले में भारत को अपनी रणनीति बदलनी चाहिए ?

(रणजीत एस. कल्हा) दलाई लामा के अरुणाचल प्रदेश दौरे ने चीन की तरफ से प्रचंड विरोध को जन्म दिया है, जो दिन-ब-दिन और तेज होता जा रहा है. चीनी विदेश मंत्रालय के एक प्रवक्ता हुआ चनयिंग ने तो यहां तक कह डाला कि दलाई लामा की यात्रा ने चीन के हितों और भारत-चीन संबंधों को गंभीर नुकसान पहुंचाया है. उन्होंने ...

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कश्मीर में कौन घोंट रहा “लोकतंत्र” का गला ?

कश्मीर के प्रतिष्ठित वकील और मानवाधिकार कार्यकर्ता 1951 के पहले चुनाव में चुने गए विधायकों को ‘मेड बाई ख़ालिक़’ कहते थे- अब्दुल ख़ालिक़ मलिक नाम के उस चुनाव अधिकारी के नाम पर जिसने नेशनल कॉफ्रेंस के ख़िलाफ़ चुनाव लड़ने वाले किसी भी उम्मीदवार का पर्चा किसी न किसी बहाने ख़ारिज़ कर दिया था. नतीजा यह कि इस पहले चुनाव में ...

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हिन्दुत्व की नायिका बनने को बेचैन उमा भारती

जब नरेंद्र मोदी प्रधान मंत्री बने थे तब देश भर में यह आशंका थी कि अब भाजपा हिन्दुत्व का अपना एजेंडा थोपेगी, लेकिन नरेंद्र मोदी ने हिन्दुत्व से जुड़े मसलों पर ज्यादा तब्बजुह नहीं दी और अप्रत्यक्ष रूप से हिन्दुत्व की बात करते रहे, तो लगा था कि बात आई गई हो गई लेकिन जैसे ही योगी आदित्यनाथ को उत्तर ...

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त्रिवेंदर रावत की योगी से तुलना क्यों

उत्तराखंड और उत्तर प्रदेश में एक ही पार्टी की सरकार होने और दोनों मुख्यमंत्री मूल रूप से उत्तराखंड के पौड़ी जिले से ही होने के चलते आदित्यनाथ योगी और त्रिवेंद्र रावत में तुलनात्मक चर्चाओं ने जोर पकड़ा राजीव थपलियाल उत्तराखंड के मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत को बुरा लग रहा होगा कि उनके प्रदेश में उनसे ज्यादा चर्चा अन्य राज्य उत्तर ...

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चहेतो के लिए न्यायालय के आदेश की “अवहेलना” क्यों कर रही Uk सरकार

राज्य में ऐसे कई कर्मचारी-अधिकारी हैं, जो उच्चतम न्यायालय की अवमानना कर आरक्षण के आधार पर उच्च पदों पर विराजमान हैं। इनको कायदे से बहुत पहले पदावनत हो जाना चाहिए थे, किंतु सरकार के साथ ऐसे कार्मिकों की सांठ-गांठ से ये लोग नियम विरुद्ध उच्च पदों पर बने हुए हैं। यदि न्यायालय के आदेश का पालन किया जाएगा तो तकरीबन ...

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मुफ्त की लौटरी के चमत्कारों से कमाई नहीं होती

आप की लौटरी निकल आई है. आप को एक अनजान दक्षिण अमेरिकी अमीर ने अपना वारिस बना दिया है. आप को हार्वर्ड विश्वविद्यालय ने डाक्टरेट की मानद उपाधि देने का फैसला किया है. आप विश्वविख्यात संस्था द्वारा ब्रैंड ऐंबैसेडर नियुक्त किए गए हैं. इस तरह के मोबाइल मैसेज और ईमेल व्यक्तियों को मिलते हैं. जो जरा समझदार हैं वे तुरंत ...

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राजनीति में बिना टैक्स के खरीदफरोख्त

उत्तर प्रदेश व उत्तराखंड में अपने बलबूते पर सरकार बना कर भारतीय जनता पार्टी ने विपक्ष को बड़ा झटका दिया है. लेकिन गोआ और मणिपुर में खरीदफरोख्त कर सरकारें बना कर उस ने अपनी प्रतिष्ठा पर नाहक दाग लगवाया है. रातोंरात विधायकों या छोटे दलों को फुसलाया न जाता तो भी वहां भाजपा की ही सरकारें बनतीं और मामला लोकतांत्रिक ...

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राजनीतिक पार्टियों की फंडिंग: “क्रोनी कैपिटेलिज्म”

क्रोनी कैपिटेलिज्म शब्द का इस्तेमाल प्राय: किया जाता है और इस शब्द के अर्थ के बारे में एक सामान्य समझ भी लोगों में है. विकीपीडिया में इस शब्द की परिभाषा इस प्रकार से दी गई है : एक ऐसी अर्थव्यवस्था जिसमें किसी कारोबार में सफलता कारोबारी और सरकारी अधिकारियों के बीच करीबी संबंधों पर निर्भर करती है. इसको हम लीगल ...

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हार्इ कोर्ट में ये चार महिलाएं संभालेंगी इंसाफ़ का तराजू

पहली बार देश में चारों बड़े और सबसे पुराने उच्च न्यायालय की मुखिया महिलाएं हैं. बॉम्बे, मद्रास, कलकत्ता और दिल्ली हाई कोर्ट में चीफ जस्टिस महिलाएं हैं. अब तक उच्च न्यायालयों में ज्यादातर पुरुषों का कब्जा रहा है. लेकिन मद्रास हाई कोर्ट की मुख्य न्यायाधिश के तौर पर इंदिरा बनर्जी की नियुक्ति के साथ ही महिलाओं के नाम यह इतिहास ...

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