कैल्कुलेटर वाली घड़ी’ जैसे 6 टेक गैजेट याद हैं आपको?

90 के दशक में देश के भीतर टेक्नॉलजी रफ्तार पकड़ चुकी थी। नए-नए गैजेट्स की पहुंच बड़े शहरों के साथ-साथ छोटे शहरों में भी शुरू हो गई थी। हमने खेल-खेल में तकनीक को अपनाना शुरू कर दिया था। घड़ी से लेकर वीडियो गेम और कैसेट प्लेयर तक ने लोगों के दिल-दिमाग पर अपना असर छोड़ना शुरू कर दिया था। उस दौर में नामी कंपनियों के साथ-साथ अन्य कंपनियां भी तकनीक के नए उदाहरण लेकर आईं। किसी ने यूनीक डिज़ाइन के दम पर तो किसी ने कम कीमत में बेहतर फीचर देकर ग्राहकों का ध्यान खींचा।

आज बात ऐसे ही गैजेट्स की, जिन्हें देखकर आपको उस दौर की यादें ताज़ा हो जाएंगी। इन्हें आपने कहीं न कहीं, कभी न कभी ज़रूर इस्तेमाल किया होगा। अगर अपने पास नहीं, तो किसी दोस्त के हाथ में इन गैजेट्स को ज़रूर देखा होगा:

Walkman

एक पोर्टेबल कैसेट प्लेयर के तौर पर  वॉकमैन  ने खूब लोकप्रियता बंटोरी। उस दौर में लोग बेल्ट में वॉकमैन और हेडफोन लगाकर चलते थे। लंबे समय तक वॉकमैन को ‘स्टेटस सिंबल’ माना जाता रहा। Sony कंपनी के साथ-साथ अन्य कंपनियों ने भी वॉकमैन पर हाथ आज़माया। हर छोटे-बड़े शहर में वॉकमैन ने धूम मचाई और लोगों के बीच यह एक गैजेट के तौर पर खूब पसंद किया गया।

Calculator Watch

कैल्कुलेटर से लैस घड़ियों ने 90 के दशक में सभी का ध्यान खींचा था। इन घड़ियों को खास तौर से ‘परीक्षा हॉल’ में ले जाने पर प्रतिबंध था। इनकी लोकप्रियता आज भले ही कम हो गई हो, लेकिन उस दौर में इन्हें खूब खरीदा गया। आज भी अगर आप इन्हें खरीदना चाहते हैं तो ई-कॉमर्स साइट अमेज़न इंडिया पर 220 रुपये में खरीद सकते हैं।

Brick Game (Handheld)

ब्रिक गेम 90 के दशक का सबसे बेहतरीन ‘टाइम पास’ गेम्स में से एक था। दो छोटी बैटरी से लैस इस ब्रिक गेम को लगभग उस दौर में हर किसी ने देखा या इस्तेमाल किया होगा। इस गेम में दो या तीन विकल्प रहते हैं, जिसे बारी-बारी से खेलकर प्वॉइंट्स हासिल किए जाते हैं। कई रंग वेरिएंट में आने वाले इस ब्रिक गेम में नीचे की तरफ मॉडल नंबर लिखा रहता था। ऊपर डिस्प्ले होता था, जिसके हिसाब से फिज़िकल बटन को इस्तेमाल करना होता था।

Walky Talky

वॉकी-टॉकी उस दौर के ऐसे खिलौनों में से था, जिसे बच्चों ने खासा पसंद किया। यह दरअसल बच्चों के लिए ‘फोन’ की कमी को पूरा करता था, जो उन्हें उस उम्र में दिए जाने का चलन नहीं था। इसे ऑन कर ‘ओवर ऐंड आउट’ का खेल खासा लोकप्रिय रहा। जब तक इनकी बैटरी खत्म नहीं हो जाती थीं, इनके साथ खेलना थमता ही नहीं था।

Cassette VideoGames

कैसेट वीडियो गेम का नाम सामने आते ही पहली छवि बनती है, सुपर मारियो, कॉन्ट्रा और डक हंट जैसे गेम्स की। कैसेट वीडियो गेम ने 90 के दशक में जमकर राज किया। कम कीमत वाले इन गेम्स की दीवानगी लोगों के सर चढ़कर बोली। बाद में कैसेट गेम को ‘कीबोर्ड’ वेरिएंट में लाया जाने लगा। समय के साथ-साथ इनकी जगह प्ले स्टेशन ने ली लेकिन इनकी याद आज भी लोगों के ज़ेहन में ज़िंदा होगी।

Sony Playstation (1994)

सोनी साल 2004 में पहला प्ले स्टेशन लेकर आई थी। उस दौर में इस गेमिंग कॉन्सोल ने वीडियो गेम की दुनिया को पूरी तरह से बदलकर रख दिया। उस दौर में जब लोग पीएस को खरीद नहीं पाते थे तो इनके आउटलेट में जाकर पे कर खेलते थे। आज भी ‘बाइक सिटी’ और ‘सैन ऐंड ड्रियाज़’ जैसे गेम लोगों को याद हैं, जो इसी प्ले स्टेशन से पहली बार खेलना संभव हुआ था।

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