3 तलाक पर मोदी सरकार ने मंजूर किया अध्यादेश

केंद्र सरकार की नरेंद्र मोदी कैबिनेट ने बुधवार को तीन तलाक से संबंधित अध्यादेश को पारित कर दिया है. तीन तलाक बिल पिछले दो सत्रों से राज्यसभा में पास नहीं हो पाया था. सूत्रों की माने तो ऐसे में अब कैबिनेट ने इस पर अध्यादेश पारित किया है. आपको बता दें कि ये अध्यादेश 6 महीने तक लागू रहेगा, जिसके बाद सरकार को दोबारा इसे बिल के तौर पर पास करवाने के लिए संसद में पेश करना होगा.

तीन तलाक के मुद्दे पर मोदी सरकार काफी आक्रामक रही है, इसके लिए सरकार की ओर से बिल भी पेश किया गया था. हालांकि, कांग्रेस समेत अन्य विपक्षी दलों के विरोध के बाद इस बिल में संशोधन किया गया था.

कैबिनेट बैठक की जानकारी देते हुए केंद्रीय कानून मंत्री रविशंकर प्रसाद ने बताया कि हमारे सामने 430 तीन तलाक के मामले आए हैं, जिनमें से 229 सुप्रीम कोर्ट के फैसले से पहले और 201 सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बाद के हैं. हमारे पास तीन तलाक के मामलों के पुख्ता सबूत भी हैं.  इनमें सबसे अधिक मामले (120) उत्तर प्रदेश से हैं.

रविशंकर प्रसाद ने कांग्रेस को इस मुद्दे पर आड़े हाथों लिया. उन्होंने कहा कि हमने इसे बार-बार पास करवाने की कोशिश की. करीब 5 बार कांग्रेस को समझाने की कोशिश भी की, लेकिन वोटबैंक के चक्कर में कांग्रेस ने इसे पास नहीं करने दिया. कांग्रेस इसपर वोटबैंक की राजनीति कर रही है.

उन्होंने अपील करते हुए कहा कि सोनिया गांधी, ममता बनर्जी और मायावती को इस मुद्दे पर सरकार का साथ देना चाहिए.

कांग्रेस ने किया सरकार पर वार

जैसे ही तीन तलाक बिल पर अध्यादेश पारित होने की बात सामने आई कांग्रेस की ओर से प्रतिक्रिया आनी शुरू हो गई. कांग्रेस नेता रणदीप सुरजेवाला ने कहा कि मोदी सरकार मुस्लिम महिलाओं को हक दिलवाने के पक्ष में नहीं है, हम चाहते हैं कि मुस्लिम महिलाओं को इंसाफ मिले. भारतीय जनता पार्टी इस पर राजनीति कर रही है.

संशोधन के बावजूद भी ये बिल राज्यसभा में पास नहीं हो पाया था. हालांकि, लोकसभा में ये बिल पहले ही पास हो चुका है. तीन तलाक बिल इससे पहले बजट सत्र और मॉनसून सत्र में पेश किया गया था, लेकिन राज्यसभा में पास नहीं हो सका था.

भारतीय जनता पार्टी की तरफ से लगातार कांग्रेस पर तीन तलाक बिल को अटकाने का आरोप लगाया जा रहा है. इसको लेकर बीजेपी अध्यक्ष अमित शाह, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी भी कांग्रेस पर निशाना साध चुके हैं.

बता दें कि नए बिल में तीन तलाक (तलाक-ए-बिद्दत) के मामले को गैर जमानती अपराध तो माना गया है लेकिन संशोधन के हिसाब से अब मजिस्ट्रेट को जमानत देने का अधिकार होगा.

संशोधित तीन तलाक बिल में खास क्या…

– ट्रायल से पहले पीड़िता का पक्ष सुनकर मजिस्ट्रेट दे सकता है आरोपी को जमानत.

– पीड़िता, परिजन और खून के रिश्तेदार ही एफआईआर दर्ज करा सकते हैं.

– मजिस्ट्रेट को पति-पत्नी के बीच समझौता कराकर शादी बरकरार रखने का अधिकार होगा.

– एक बार में तीन तलाक बिल की पीड़ित महिला मुआवजे की हकदार

About News Trust of India

News Trust of India न्यूज़ ट्रस्ट ऑफ़ इंडिया

Leave a Reply

Your email address will not be published.

error: Content is protected !!

ăn dặm kiểu NhậtResponsive WordPress Themenhà cấp 4 nông thônthời trang trẻ emgiày cao gótshop giày nữdownload wordpress pluginsmẫu biệt thự đẹpepichouseáo sơ mi nữhouse beautiful