भैय्यूजी महाराज ने खुद को मारी गोली

इंदौर: आध्यात्मिक गुरु भैय्यूजी महाराज ने खुदकुशी कर ली है। भैय्यूजी महाराज ने इंदौर में अपने घर में खुद को गोली मार ली जिसके बाद उन्हें बॉम्बे अस्पताल लाया गया लेकिन अस्पताल पहुंचने से पहले ही उनकी मौत हो चुकी थी। भैय्यूजी ने अपनी कनपटी पर गोली मारी थी। बता दें कि 1.57 मिनट पर भैय्यू जी महाभारत ने ट्वीट कर भक्तों को मासिक शिवरात्रि की बधाई दी और ठीक 3 मिनट बाद उन्होंने सुसाइड कर लिया। भैय्यूजी महाराज ने एक साल पहले डॉक्टर आयुषि से शादी की थी ऐसे में सवाल उठ रहे हैं कि आखिर भैय्यू जी महाराज ने खुदकुशी क्यों की। थोड़ी देर में मध्यप्रदेश पुलिस भैय्यू जी महाराज की मौत पर प्रेस कॉन्फ्रेंस करने वाली है। भैय्यूजी के शव को पोस्टमॉर्टम के लिए एमवाई अस्पताल भेजा गया है।

इंग्लिश में लिखा सुसाइड नोट हुआ बरामद

भैय्यूजी महाराज की मौत के बाद मौके से एक पन्ने का सुसाइड नोट बरामद हुआ है। वह जिंदगी में तनाव से परेशान थे। इंग्लिश में लिखे सुसाइड नोट में भैय्यू जी महाराज ने किसी को मौत के लिए जिम्मेदार नहीं ठहराया है। वहीं, भैय्यूजी की मौत पर कांग्रेस ने शिवराज सरकार को लपेटा है। एमपी कांग्रेस प्रवक्ता ने कहा है कि भय्यूजी महाराज काफी दबाव में थे और पूरे मामले की सीबीआई जांच होनी चाहिए।

जानिए आखिरी फेसबुक पोस्ट में क्या संदेश दे गए भैय्यूजी

भैय्यूजी महाराज के सोशल मीडिया पर लाखों फॉलोअर्स हैं। उन्होंने अपने अंतिम फेसबुक पोस्ट में किसानों को लेकर चिंता जताई थी। उन्होंने लिखा था, हमारी संपूर्ण अर्थव्यवस्था कृषि पर ही निर्भर है। आज देश के अनेक हिस्सों में पर्याप्त सुविधाएं नहीं हैं। इसका कृषि पर सीधा प्रभाव पड़ रहा है।

CM शिवराज ने जताया दुख

मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने भैय्यूजी की मौत पर दुख जताया है। शिवराज ने ट्वीट कर उन्हें श्रद्धांजलि दी और कहा कि देश ने संस्कृति, ज्ञान और सेवा की त्रिवेणी व्यक्तित्व को खो दिया। आपके विचार अनंत काल तक समाज को मानवता की सेवा के मार्ग पर चलने के लिए प्रेरित करेंगे।

भैय्यूजी ने पहली पत्नी की मौत के 2 साल बाद की थी दूसरी शादी

भैय्यूजी महाराज की पहली पत्नी माधवी का नवंबर 2015 में पुणे में निधन हो गया था। वे महाराष्ट्र के औरंगाबाद की रहने वाली थीं। पहली शादी से उनकी एक बेटी कुहू हैं वो पुणे में पढ़ाई कर रही हैं। 30 अप्रैल 2017 को मध्यप्रदेश के शिवपुरी की डॉ. आयुषी के साथ उन्होंने दूसरी शादी की थी।

भैय्यूजी ने ठुकराया था राज्य मंत्री का दर्जा

मध्यप्रदेश सरकार के 2 जुलाई 2017 को 6.67 करोड़ पौधे लगाने के दावे को महाघोटाला करार देकर कुछ संतों ने ‘नर्मदा घोटाला रथ यात्रा’ निकालने का ऐलान किया था। इनमें भैय्यू महाराज, नर्मदानंदजी, हरिहरानंदजी, कंप्यूटर बाबा और पं. योगेंद्र महंत शामिल थे। राज्य सरकार ने अप्रैल 2018 में इन सभी को राज्यमंत्री का दर्जा दिया। हालांकि भैय्यूजी महाराज ने सरकार के इस ऑफर को लेने से मना कर दिया। उन्होंने कहा था कि वे नर्मदा मैया की सेवा बिना किसी पद के साथ भी करते रहेंगे।

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