(नीरज त्यागी, न्यूज़ ट्रस्ट ऑफ़ इंडिया )

आजमगढ़. उत्तर प्रदेश के आजमगढ़ जिले में जहरीली ताड़ी पीने से मरने वालों की संख्या बढ़कर 21 हो गई है. जिलाधिकारी चंद्रभूषण सिंह ने रविवार को बताया था कि प्रशासन ने जहरीली ताड़ी पीकर मरे 14 लोगों का पोस्टमॉर्टम कराया था जिनमें से दो को पाया गया कि उन्होंने ताड़ी नहीं पी थी. जिलाधिकारी ने बताया कि जिन लोगों का पोस्टमॉर्टम कराया गया है उनका विसरा सुरक्षित रख लिया गया है.

उन्होंने बताया कि जहरीली ताड़ी पीने से बीमार हुए 15 लोगों का आजमगढ़ के जिला अस्पताल व वाराणसी के काशी हिंदू विश्वविद्यालय के अस्पताल में इलाज किया जा रहा है. सिंह ने बताया कि मरने वाले बहुत गरीब लोग हैं लिहाजा उनके परिजन को विभिन्न सरकारी योजनाओं की मदद दिलाने की कोशिश की जा रही है. जिलाधिकारी ने आबकारी विभाग के अधिकारियों को कड़ी चेतावनी देते हुए कहा कि अगर जिले में किसी व्यक्ति की जहरीली शराब पीने से मौत होती है तो आबकारी विभाग के संबंधित अधिकारियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया जाएगा.

इस बीच, जिला पुलिस अधीक्षक अजय कुमार साहनी ने कहा कि जहरीली ताड़ी पीने से मारे गए लोगों के परिवार के सदस्यों ने उनकी मौत के कारणों को गुप्त रखा. उन्होंने बताया कि अब तक इस मामले में मुख्य अभियुक्त मुन्ना राजभर समेत 18 लोगों को गिरफ्तार किया गया है. इसके अलावा आबकारी विभाग के अधिकारियों ने भी तीन लोगों को पकड़ा है. पुलिस सूत्रों का कहना है कि इस घटना के बाद जिले में अवैध शराब निर्माण की 30 इकाइयों को ध्वस्त किया गया है जबकि अवैध रूप से बनाई गई 10000 लीटर शराब को नष्ट किया जा चुका है.

मालूम हो कि आजमगढ़ जिले के रौनापार थाना क्षेत्र स्थित केवटहिया गांव में कथित रूप से जहरीली शराब पीने से शनिवार तक सात लोगों की मौत हो चुकी थी. गुरुवार को शुरू हुआ मौतों का सिलसिला आज तक जारी रहा. इस मामले में लापरवाही बरतने के आरोप में रौनापार के थानाध्यक्ष समेत तीन पुलिसकर्मियों को निलंबित कर दिया गया था. साथ ही सम्बन्धित आबकारी निरीक्षक तथा अन्य जिम्मेदार कर्मियों के खिलाफ कार्रवाई की सिफारिश की गयी थी.