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सेना की जानकारियां हुई लीक, दस्तावेज पहुंचे पाकिस्तान

वर्ष 2009 से लेकर 2017 तक आठ सालों में सेना के मूवमेंट की बहुत सारी जानकारियां लीक हुई हैं।

लखनऊ. सेना की ख़ुफ़िया सूचनाएँ लीक करने के मामले में एटीएस ने पिछले दिनों झाँसी कलेक्ट्रेट में तैनात स्टेनो राघवेंद्र को गिरफ्तार किया और जांच शुरू की तो इस मामले में कई चौकाने वाले तथ्य सामने आये हैं। झाँसी में खुफिया सूचनाएं लीक करने का यह काम पिछले आठ सालों से चल रहा था। हैरत की बात यह है कि एटीएस की गिरफ्त में आये राघवेंद्र ने एटीएस
को जो जानकारी दी है, उसके बाद ख़ुफ़िया एजेंसियों से लेकर शासन स्तर पर बैठे अफसरों तक के होश उड़ गए हैं । राघवेंद्र ने एटीएस को बताया है कि तत्कालीन एसडीएम प्रभूनाथ नाथ के कहने पर उसने सूचनाएँ देने की शुरुआत की थी और जो व्यक्ति सूचनाएँ हासिल करने के लिए फोन करता था, वह खुद को सेना का अफसर बताता था। इस मामले में जांच के राडार पर आये तत्कालीन झाँसी सदर एसडीएम और वर्तमान में गोरखपुर में एडीएम प्रशासन के पद पर तैनात प्रभूनाथ को हटाकर राजस्व परिषद में भेज दिया गया है। एटीएस ने इस मामले में प्रभूनाथ को नोटिस जारी कर 9 अगस्त को पूछताछ के लिए लखनऊ तलब किया था लेकिन वे नहीं पहुंचे थे।

चार आला प्रशासनिक अफसर जांच के राडार पर

अनुमान है कि वर्ष 2009 से लेकर 2017 तक आठ सालों में सेना के मूवमेंट की बहुत सारी जानकारियां लीक हुई हैं। जांच एजेंसी यह पता लगाने में जुटी है कि इस दौरान कौन-कौन सी सूचनाएँ पाकिस्तान की ख़ुफ़िया एजेंसी आईएसआई तक पहुंचाई गई और इस काम में किन-किन लोगों की भूमिका रही। तत्कालीन एसडीएम प्रभूनाथ सहित चार अफसर जांच की राडार पर हैं। प्रभूनाथ के अलावा इस अवधि में तैनात रहे 3 अन्य एसडीएम भी जांच एजेंसियों की नजर में हैं, जिन्हें पूछताछ के लिए बुलाया जा सकता है। पिछले दिनों झाँसी के एक वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारी के संदिग्ध हालत में झाँसी से लापता होने और फिर उनकी बरामदगी होने की संदिग्ध घटना को भी इस जांच प्रक्रिया से जोड़कर देखा जा रहा है। बताया जा रहा है कि राघवेंद्र की गिरफ़्तारी से कुछ समय पूर्व इस अफसर से जांच एजेंसियों ने पूछताछ की थी, जो झाँसी में एसडीएम सदर के पद पर काफी समय तक तैनात रह चुके हैं।

एशिया का सबसे बड़ा सैन्य अभियान क्षेत्र है झांसी

झाँसी जनपद सामरिक रूप से काफी महत्वपूर्ण और संवेदनशील माना जाता है। जनपद के बबीना कैंट स्थित फायरिंग रेंज को एशिया का सबसे बड़ा फायरिंग रेंज माना जाता है। यहाँ सेना की कई महत्वपूर्ण इकाइयां प्रशिक्षण प्राप्त करती हैं। ब्रिटिश सरकार में इस स्थान को पूरे देश में सैन्य अभियान का केंद्र बिंदु बनाया गया था। झाँसी जनपद में झाँसी और बबीना नाम से दो
कैंटोनमेंट बोर्ड हैं। बबीना से ही सटे ललितपुर जनपद के तालबेहट में वायू सेना का प्रमुख केंद्र स्थित है। झाँसी में भी सेना का एविएशन केंद्र स्थित है। ऐसे में सेना का गोपनीय अभ्यासों और मूवमेंट पर दुश्मन देश की नजर हमेशा बनी रहती है।

कई विदेशी सेनाएं भी कर चुकी हैं सैन्य अभ्यास

बबीना कैंट सैन्य अभ्यास के लिहाज से बेहद महत्वपूर्ण क्षेत्र माना जाता रहा है। जिस अवधि में सेना के अभियानों के मूवमेंट लीक किये जाने की जांच चल रही है, उस दौरान अमेरिका, सिंगापुर, भूटान सहित कई देशों की सेनाएं भारतीय सेना के साथ सैन्य अभ्यास कर चुकी है। बबीना फायरिंग रेंज में थल सेना सामान्य दिनों में भी युद्ध के अभ्यास कर दुश्मन देश से लोहा
लेने की अपनी तैयारियों की परख करती है। भारत के कई देशों के साथ संयुक्त युद्धाभ्यास के समझौतों के लिहाज से यह क्षेत्र प्रशिक्षण के लिए बेहद महत्वपूर्ण माना जाता है। बबीना कैंट क्षेत्र में विस्तृत क्षेत्र में फैले फायरिंग रेंज में कई तरह की भौगोलिक स्थितियां इस क्षेत्र को युद्धाभ्यास के लिहाज से अहम बनाती है।

पहले कई आईएसआई के एजेंट भी इलाके में पकड़े गए हैं

झाँसी जनपद में आईएसआई की सक्रियता कोई नई बात नहीं है। पूर्व में कई बार यहाँ से आईएसआई के संदिग्ध एजेंट पकडे जा चुके हैं। जांच एजेंसियों की कोशिश होगी कि इन सभी मामलों के तार आपस में जोड़े जा सके। जनपद के बरुआसागर में एक आईएसआई एजेंट की गिरफ़्तारी कुछ वर्ष पूर्व हुई थी जो यहाँ बरुआसागर नगर पालिका में नौकरी करता था। इसके अलावा मऊरानीपुर क्षेत्र से भी दो युवकों को आईएसआई के लिए जासूसी करने के आरोप में पूछताछ के लिए हिरासत
में लिया गया था।

फौज के सेवानिवृत्त अफसर भी जासूसी में गिरफ्तार हुए हैं

झाँसी कैंट से आईबी ने सेना के रिटायर्ड सूबेदार इंद्रजीत सिंह कुशवाहा को साल 2014 में गिरफ्तार किया था। इस पर आरोप था कि वह सेना के महत्वपूर्ण दस्तावेज पकिस्तान की आईएसआई तक पहुंचाता था। इस मामले में सूबेदार को लालच देकर अपने जाल में फंसाने वाले दिल्ली के रहने वाले एजाज नाम के युवक को एटीएस और झाँसी पुलिस ने लखनऊ से साल 2016 में गिरफ्तार किया था।

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