अमित शाह ने निकाली महागठबंधन की काट

मिशन 2019 की तैयारियों में जोर-शोर से जुटी बीजेपी उत्तर प्रदेश में एक बार फिर 2014 की लहर बरकरार रखने के लिए तेजी से रणनीति बनाने में जुटी हुई है. सपा-बसपा के एक साथ आने से महागठबंधन की चुनौती को गंभीरता से लेते हुए खुद बीजेपी के चाणक्य अमित शाह ने पूरी कमान पाने आपने हाथों में ले रखी है. अपने दो दिवसीय दौरे पर यूपी पहुंचे अमित शाह ने पार्टी पदाधिकारियों, विस्तारकों और पार्टी के साइबर सिपाहियों को 2019 में जीत और महागठबंधन की चुनौती से निपटने के टिप्स दिए.

अमित शाह ने पार्टी पदाधिकारियों, कार्यकर्ताओं, विस्तारकों और सोशल मीडिया वालंटियर्स से कहा है कि महागठबंधन की चुनौती से निपटने के लिए जरुरी है कि वोट प्रतिशत को 51 फीसदी से ज्यादा पहुंचाया जाए. उन्होंने 2014 लोकसभा और 2017 के विधानसभा चुनाव में सपा और बसपा को मिले वोट प्रतिशत का जिक्र करते हुए कहा कि यह करीब 50 फीसदी है जबकि बीजेपी का करीब 45 फीसदी है. उन्होंने कहा कि 2019 में बीजेपी के वोट प्रतिशत को 51 फीसदी तक पहुंचाना है. इसके लिए उन्होंने अपनी रणनीति को साझा करते हुए ‘माइक्रो मैनेजमेंट’ का टिप्स दिया. इसके तहत ‘मैन टू मैन’ मार्किंग करने का निर्देश दिया.

माइक्रो मैनेजमेंट के जरिए मतदान प्रतिशत बढ़ाने पर फोकस
दरअसल, अभी तक पार्टी के माइक्रो मैनेजमेंट में बूथ टीमें, पन्ना और अर्ध पन्ना प्रमुख ही शामिल थे. इसे और जमीन तक ले जाने के लिए अमित शाह ने घर-घर कार्यकर्ताओं को पहुंचने का निर्देश दिया है. पार्टी के एक प्रमुख नेता के मुताबिक अब हर कार्यकर्ता को बूथ स्तर पर एक घर की जिम्मेदारी दी जाएगी. वह कार्यकर्ता मतदान होने तक उस घर के सदस्यों के साथ जुड़ा रहेगा. वह मोदी और योगी सरकार के विकास कार्यों को उन्हें समझाएगा. साथ ही मतदाता सूची में नाम जोड़ने से लेकर मतदान के दिन उस घर के वोटरों को बूथ तक लेकर जाने की उसकी जिम्मेदारी होगी. दरअसल अमित शाह का पूरा फोकस मतदान प्रतिशत को बढ़ाने की ओर है, जिससे विपक्षी एकजुटता को मात दिया जा सके.

प्रदेश बीजेपी प्रवक्ता राकेश त्रिपाठी कहते हैं कि बूथ मैनेजमेंट के जरिए पार्टी के वोट प्रतिशत को 51 फीसदी तक पहुंचाने का लक्ष्य है. इसके लिए बूथ स्तर का हर कार्यकर्ता मतदाता सूची के पुनरीक्षण से लेकर मतदाता सूची में नाम डलवाना और फर्जी वोटरों को हटवाने तक की जिम्मेदारी दी गई है. साथ ही केंद्र और प्रदेश सरकार की योजनाओं के बारे में भी मतदाताओं को बताना है. उन्होंने कहा कि लक्ष्य यही है कि हर बूथ पर पार्टी को 51 फीसदी वोट मिले. इस स्थिति में कोई भी गठबंधन बीजेपी के सामने टिक नहीं पाएगा.

बीजेपी ने माइक्रो मैनेजमेंट के लिए देश भर के 400 लोकसभा सीटों का लक्ष्य निर्धारित किया है. जिसमें यूपी की 80 सीटें शामिल हैं. एनडीए गठबंधन में सहयोगियों के बढ़ने या कम होने कि स्थिति में यह संख्या घट और बढ़ सकती है. निर्देश दिए गए हैं कि जिन राज्यों में पार्टी संगठन मजबूत है वहां माइक्रो मैनेजमेंट को पूरी ताकत के साथ लागू किया जाए. जहां कमजोर है या विस्तार की अवस्था में है वहां कार्यकर्ता को एक से ज्यादा घरों की जिम्मेदारी दी जा सकती है. अपनी इस रणनीति के तहत अमित शाह यूपी समेत देश के 20 राज्यों का दौरा कर चुके हैं.

सांसदों के कट सकते हैं
बीजेपी ने बुधवार को मिर्जापुर में तीन प्रान्तों के पदाधिकारियों और विस्तारकों से सांसदों और विधायकों के विकास कार्यों, कार्यकर्ताओं से उनका व्यवहार, सोशल मीडिया में उनकी सक्रियता, उनका सामाजिक आचरण जैसे कई बिंदुओं पर उनसे फीडबैक लिया है. इसके बाद कहा जा रहा है कि मौजूदा सांसदों में से कई के टिकट कट सकते हैं.

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