स्वास्थ्य विभाग में हुआ 3 करोड़ का घोटाला

नेशनल हेल्थ मिशन उत्तराखंड ने बिना टेंडर डाले दे दिया 2 करोड 86 लाख का टेंडर। मामला पंहुचा हाइकोर्ट। जज लोकपाल हुए एडवोकेट जनरल से नाराज। गलत तथ्य किये थे AG ने पेश। AG द्वारा ACS ओमप्रकाश का संदेश देने पर केस सुनने से किया इंकार। जबकि नेशनल हेल्थ मिशन के दूसरे मामले जज लोकपाल की कोर्ट में चल रहे हैं ।
नेशनल हेल्थ मिशन ने अर्बन हेल्थ सेंटर चलाने के लिए ई-प्रोक्योरमेंट टेंडर आमंत्रित किए थे। L1 में ISHP नाम की संस्था और L2 में अपोलो अस्पताल था। लेकिन विभाग ने SPD नाम की एक संस्था को अवार्ड लेटर दे दिया जबकि SPD नाम की संस्था ई-प्रोक्योरमेंट टेंडरिंग प्रक्रिया में कहीं भी शामिल नहीं हुई। विभाग ने तर्क दिया कि ransomeware वायरस के आक्रमण के कारण SPD ई- टेंडर में शामिल नहीं हो पाई। विभागीय अधिकारियों का कहना है कि इसलिए हमने टेक्निकल क्वालीफाई किए बग़ैर SPD का फाइनेंसियल बिड खोल दिया।

आश्चर्य की बात है कि विभाग द्वारा गड़बड़झाला करने के बावजूद हाथ से बनाये गए तुलनात्मक चार्ट में भी SPD L1 नहीं हो पाया। विभाग ने L1 और L2 को नज़रंदाज़ करते हुए SPD जो अभी भी गवर्नमेंट के पोर्टल पर कहीं नहीं है, को टेंडर अवार्ड कर दिया। जब कोर्ट में मंगलवार को यह मामला सुना गया तो चीफ स्टैंडिंग काउंसल ने अदालत में गलत तथ्य पेश किए। विपक्ष पार्टी ISHP ने कोर्ट में NIC का एक डॉक्यूमेंट पेश किया जिसमें उन्होंने उस पीरियड जिस दौरान NHM में टेंडरिंग प्रक्रिया पूरी हुई, में NIC द्वारा hosted and maintain वेबसाइट/पोर्टल पर ransomeware के प्रभाव न होने का दावा किया है। कोर्ट के पूछने पर CSC ने कोर्ट से कह दिया कि uk.gov.in की होस्टिंग और maintenance NIC नहीं करता है, और uk.gov.in पर रैनसमवेयर का प्रभाव था। कोर्ट के ये पूछने पर की uk.gov.in की होस्टिंग और maintenance किसके पास है, csc कोर्ट को नही बता पाए। फ़िलहाल जज महोदय ने सरकार बनाम ISHP याचिका को डिवीज़न बैंच को रेफेर कर दिया है।

सूत्र बताते है कि SPD संस्था का मालिक राजीव ओबेरॉय पूर्व मुख्यमंत्री रमेश पोखरियाल निशंक का बेहद नजदीकी बताया जाता है। पूर्व मुख्यमंत्री नित्यानंद स्वामी का भांजा भी इस संस्था से जुड़ा हुआ बताया जा रहा है। NHM के एक अधिकारी का कहना है कि हमारे स्तर से कुछ नहीं हुआ, सारा निर्णय उच्चस्तरीय है। जाहिर है कि इतना बड़ा घोटाला  बिना अपर मुख्य सचिव ओमप्रकाश की संलिप्तता या निर्णय के नहीं हो सकता।

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